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भगवान श्री परशुराम क्षेत्रों की जानकारी से परिपूर्ण ग्रंथ 'खोज' का 24 को लोकार्पण


कवि कुलगुरु कालिदास संस्कृत विवि, राजस्थानी ब्रह्म समाज तथा विप्र फाउंडेशन का संयुक्त आयोजन

नागपुर। भगवान परशुराम के मंदिर भारतभर में हैं अपितु उनकी पूरी जानकारी समाज को न होने के अभाव में ब्राह्मण समाज के देवगुरु का यह स्थल उपेक्षित महसूस किया जा रहा था. यह कमी दूर करने के उद्देश्य से भगवान परशुराम के मंदिरों की खोज एवं उन्हें सुचिबद्ध कर उसे एक ग्रंथ के रुप में प्रकाशित करने का प्रयत्न एक ग्रंथ के माध्यम से किया गया है। 

भगवान परशुराम क्षेत्रो की संपूर्ण जानकारी से परिपूर्ण ग्रंथ 'खोज' का लोकार्पण कार्यक्रम 24 अप्रैल को आयोजित किया गया है। यह कार्यक्रम कविकुलगुरू कालिदास संस्कृत विश्वविद्यालय, रामटेक - नागपुर, राजस्थानी ब्रह्म समाज नागपुर तथा विप्र फाउंडेशन विदर्भ इकाई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया है। 

इस ग्रंथ का लोकार्पण कवि कुलगुरु कालिदास संस्कृत विश्वविद्यालय रामटेक - नागपुर के कुलपति आचार्य श्री मधुसदन पेन्ना की अध्यक्षता में, मु्ख्य अतिथि विप्र फांडेशन विदर्भ अध्यक्ष डॉ. महेंद्रकुमार शर्मा, तथा विशेष अतिथि, परशुराम सर्वभाषीय ब्राह्मण संघ के संस्थापक त्रिलोकनाथ सिधरा, पालीवाल सेवा मंडल के पूर्व अध्यक्ष संजय पालीवाल की प्रमुख उपस्थित में श्रीमंत बाबुराव धनवटे सभागृह, वोकहार्ट हॉस्पटल परिसर, शंकरनगर नागपुर में 24 अप्रैल को शाम 6 बजे किया जायेगा। 

कार्यक्रम में प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. भारती सुदामे प्रमुख वक्ता रहेगी।
इस ग्रंथ के प्रकाशक भगवान श्री परशुराम प्रेमी संघ पुणे (अनिल गोविंद गानू) है तथा इस कार्य में श्री परशुराम शोध मंडल नागपुर का भी सहयोग रहा है। कार्यक्रम में उपस्थिति की अपील प्रभाकर घारपुरे, अनिल गानू, डॉ. दिलीप साठे, श्रीमती अश्विनी अनिल गानू, शरच्चंद्र लिमये, अजित नेने, दिवाकर नेने, गोपाल शर्मा, कृष्णकुमार थानवी एवं विश्वजीत मोहनकुमार भगत ने की है।
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