उत्तरप्रदेश की तरह देशभर में बनें गौ अभयारण्य
गौवंश रक्षा के लिए मॉडल वैटर्नरी दवाखानो के साथ गौशालाओं का निर्माण आवश्यक
नागपुर (आनंदमनोहर जोशी)। देश धर्म का नाता है गाय हमारी माता है। यह केवल घोष वाक्य ही नहीं रहना चाहिए। भारत को अंग्रेजों से मुक्त कर अखंड भारत को तोड़कर एक अलग मुल्क भी बना दिया गया। लेकिन आज़ादी के 75 वर्षों में भारत की गौ शालाओं की तरफ किसी मुख्यमंत्री, किसी प्रधानमंत्री, किसी राष्टपति और ना ही किसी विपक्षी नेताओं का ध्यान गया।
हाल ही में उत्तरप्रदेश में रामनवमी के दिन उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कन्यापूजन किया। वहीं उत्तरप्रदेश के पशुधन एवं दुग्धविकास मंत्री धर्मपालसिंह ने राज्य के किसानों की मुश्किल दूर करने के लिए गौ अभयारण्य शीघ्र शुरू करने की घोषणा की है। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छुट्टिए मवेशियों की समस्या का स्थाई करने यह योजना बनाये जाने के लिए इसका समर्थन किया। कारण की खुले घूमते हुए गोवंश को चारा, पानी भी नहीं मिलता है।
ऐसे में दुग्ध और खेती के लिए बहुउपयोगी गोवंश की रक्षा करने गौशालाओं से भी बड़े अभयारण्य यदि वैटर्नरी दवाखानो और डॉक्टर सुविधा के साथ सम्पूर्ण देश में बनाए जाए तो गौ की रक्षा के साथ दुग्ध उत्पादन, गौ मूत्र से दवाइयां, गोबर गैस, ईंधन आदि उपयोगिता वाले संसाधन भी मिलेंग। साथ साथ वेटरनरी डॉक्टर को रोजगार भी मिलेगा। भारत जैसे देश की जमीन पर भारत के ब्रिटिशकाल के नेताओं ने अखण्ड भारत का बँटवारा कर अनेक देशों का निर्माण करवाया। हमारे देश में जंगल के अनेक अभयारण्य है।
जहां चीता, शेर, हिरण, मोर, हाथी, सांप, बिच्छू जैसे जंगली जानवर रहते हैं।लेकिन निकट भविष्य में 5 से 6 हज़ार की संख्या में गौ वंश की सुरक्षा के लिए वेटेरनरी डॉक्टर के साथ दवाखाने वाली विशाल गौशाला का निर्माण सरकारी बंजर भूमि पर किया जावे तो यह देश को दुग्ध, रोजगारऔर आर्थिक स्थिति को मजबूत भी करेंगी। हाल ही में, विधानसभा चुनाव के दौरान, उत्तर प्रदेश में भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र भाई मोदी ने भी गौ अभ्यारण्य गौ शाला निर्माण का समर्थन किया था। भारत सरकार को प्रत्येक राज्य की विधानसभा के लिए ऐसी बहुउपयोगी योजनाओं को फलीभूत करके तुरंत लागू करना होगा।
आज देश में दुग्ध के दाम बढ़ रहे है। देवलापार गौ अनुसंधान केंद्र की तरह देश में गौ के गोबर, गौमूत्र का उपयोग दवाई के लिए भी किया जा सकता है। साथ ही गोबर गैस प्लांट भी बनाये जा सकते है। भारत सरकार को कृषि, बगीचा, सब्जी,फल , अनाज की फसलों के साथ गौ अभ्यारण्य गाय, गौवंश के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए बनाना ही होंगा। भारत गांवों का देश है।इससे करोड़ों ग्रामीण नागरिकों को रोजगार भी मिलेगा।
