वर्तमान में युवा वर्ग अनुशासनहीनता से ग्रसित
https://www.zeromilepress.com/2022/04/blog-post_586.html
नागपुर पुणे। विश्व हिंदी साहित्य सेवा संस्थान प्रयागराज उत्तर प्रदेश द्वारा १०६ वीं राष्ट्रीय आभासी संगोष्ठी का आयोजन युवा संसद इकाई द्वारा किया गया। कार्यक्रम का विषय "युवाओं में बढ़ती अनुशासनहीनता" रखा गया था। कार्यक्रम में विश्व हिंदी साहित्य सेवा संस्थान प्रयागराज के अध्यक्ष एवं भू. पू. प्राचार्य डॉ शहाबुद्दीन नियाज़ मो शेख सर की अध्यक्षता में संगोष्ठी सफल हुई।
अध्यक्ष महोदय ने युवाओं को प्रेरित करते हुए अपने मंतव्य में कहते हैं - "वर्तमान समय का युवा अनुशासनहीनता से ग्रसित है। इसके अनेक कारण है, अकेलापन, बेरोजगारी, पाश्चात्य प्रभाव और हमारी प्रचलित शिक्षा पद्धति भी है। स्वावलम्बन,आत्मनिर्भरता और नयी शिक्षा पद्धति युवाओं की सफलता में सहायक बनेगी। युवाओं को राष्ट्र के विकास लिए भी विचार करना चाहिए।"
विश्व स्नेह समाज पत्रिका के संपादक एवं संस्थान सचिव डॉ गोकुलेश्वर कुमार द्विवेदी युवाओं को संबोधित करते हुए कहते हैं - "हमारे बड़े और माता पिता हमारे हित के लिए हमें समझाते है तो उनका अनादर नहीं करना चाहिए..
अनुशासन केवल युवाओं के लिए ही नहीं आवश्यक है बल्कि सम्पूर्ण मनुष्य के लिए आजीवन उनका सहचरी है।"
संगोष्ठी में महाराष्ट्र पूर्णा से प्रकाश सदाशिव सूर्यवंशी जी मुख्य अतिथि एवं हैदराबाद से श्री प्रकाश शेलके, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वक्ता अतिथियों में नासिक महाराष्ट्र से युवा छात्र श्री प्रवीण उत्तम लोखंडे- "युवाओ में अनुशासनहीनता को आकड़ो के माध्यम से आपने बताते हुए, फिल्मों व धारावाहिक का नकारात्मक प्रभाव, युवाओं पर मानसिक दबाब जिससे अनुशासनहीनता बढ़ती जा रही है।"
कोरबा छत्तीसगढ़ से समाज सेविका एवं साहित्यकार श्रीमति पूजा तिवारी- "अनुशासन हमें कई राह दिखाता है। युवाओ में अनुशासन की कमी देश के विकास में भी बाधा उत्पन्न करती है। माता पिता को भी आवश्यक है कि वे बचपन से ही बच्चों को अनुशासन में रहने ही शिक्षा दें एवं उन्हें अनुशासन का महत्त्व बतायें। अनुशासन के महत्व को रेखांकित करती एवं बेहद प्रभावित करने वाली कविता पढ़ीं।"
संगोष्ठी में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतापगढ़ उत्तरप्रदेश से सुश्री आस्था सिंह, गीत एवं छत्तीसगढ़ से सुश्री गार्गी सिंह, कत्थक प्रस्तुत किए। कार्यक्रम की शुरुआत महाराष्ट्र की होनहार छात्रा सुश्री गौरी सिंह सरस्वती वंदना से, स्वागत गीत कोरबा छत्तीसगढ़ से सुश्री सरोज मार्को, स्वागत भाषण श्री लक्ष्मीकान्त वैष्णव 'मनलाभ' तथा आभार एवं संचालन हरियाणा से दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रतिभावान छात्रा सुश्री ममता कुमारी जी द्वारा संपन्न हुआ। युवा संसद के अध्यक्ष डॉ जहीरूद्दीन पठान ने सभी अतिथियों एवं श्रोता गणों को विशेष आभार प्रकट किए।
