बुद्ध भीम की सुमधुर शृंखला 'शिल्पकार जगाचा' का शानदार आयोजन
संगीत क्षेत्र मे कार्य करनेवाले विविध मान्यवरो का सत्कार
नागपुर। भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आम्बेडकर की 131 जयंती के उपलक्ष में म्युजिक टाइम ऑर्केस्ट्रा की ओर से मधुर बुद्ध-भीम गीतों का कार्यक्रम 'शिल्पकार जगाचा' शनिवार को प्रस्तुत किया गया। इस संगीत कार्यक्रम में गायकों ने भगवान बुद्ध और राज्य घटना के शिल्पकार डॉ. बाबासाहेब आम्बेडकर पर रचे गये गीतों की एक श्रृंखला ही प्रस्तुत की।
कार्यक्रम के उदघाटन डॉ. सिद्धार्थ गायकवाड उपआयुक्त प्रादेशिक समाज कल्याण विभाग, डॉ. अनिल आर गजभिये पूर्व सहाय्यक आयुक्त पशु संवर्धन विभाग, वैजयंती मांडवधारे वरिष्ठ पोलीस निरीक्षक, मानकापूर पुलिस स्टेशन, श्रीकांत भोजने पुलिस अधिकारी, नागपुर व अन्य मान्यवर इनके हस्ते तथागत भगवान बुद्ध और भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर इनके प्रतिमा को माल्यार्पण करके कार्यक्रम का उदघाटन किया गया।
संगीत क्षेत्र मे कार्य करनेवाले विविध मान्यवरो का डॉ. अनिल खोब्रागडे, संजय जीवने प्रसिद्ध नाट्य व सिने कलावंत, मोरेश्वर निस्ताने प्रसिद्ध पार्श्वगायक व संगीतकार, केशव गजभिये उर्फ कीर्तीनंद प्रसिद्ध कवी ,गीतकार, अमोल कदम प्रसिद्ध कवी, गीतकार, विकास बोरकर प्रसिद्ध संगीतकार, केशव खोब्रागडे प्रसिद्ध गीतकार, संगीतकार, नागेश वाहुरवार प्रसिद्ध दिग्दर्शक कवी लेखक के अलावा स्वस्तिका ठाकूर विदर्भ की गायिका इनका संयोजक एवं मिलन ग्रुप तर्फे सत्कार किया गया।
कविवर्य सुरेश भट हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में जीवन आश्रय सेवा संस्थान को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इस अवसर पर संगीत के क्षेत्र में काम करने वाले विभिन्न गणमान्य लोगों को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध पार्श्व गायक डॉ. अनिल खोब्रागड़े, गोल्डी हुमने, वीरेंद्र बोरडे, बिंदु ढोके, सानिका बोभाटे, राजू व्यास, मनीष राय ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत उद्धरली कोटी कुळे इस गीत के साथ डॉ. अनिल खोबरागड़े और कोरस द्वारा की गयी। डा. खोब्रागड़े ने कोटी कोटी चांदण्यांचा तुच चंद्र, भारतीय घटनेचा तू जैसे विभिन्न गीतों को प्रस्तुत किया, जबकि गोल्डी हुमने ने निभिड जंगले जुडवित, क्युं ऐसी बाते रकते हो जैसे गीत पेश कर श्रोताओं को सुरीली दावत दी, बिंदू ढोके ने बोध बुद्धाचा, कखगघ बाराखडी, सानिका बोभाटे साजरी भीम जयंती करू, ज्ञानसूर्य तू इस जगत वीरेंद्र बोर्डे यांनी हि पाकळी पाकळी वाहतो, गुरुजी मजला शाळेत, वहीं अनिल सिरसाट ने माझ्या भिमाची पुण्याई, हे खरच आहे खरं ऐसे गीतों को पेश कर प्रशंसकों को खुश कर दिया। अन्य गायकों ने रमाई माऊली, पेर भिमाचा लढा, हे भिमराव बाबा आंबेडकर आदि गीतों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का समापन वीरेंद्र, गोल्डी और कोरस के साथ घबराये जब मन अनमोल गीत के साथ हुआ।
इस कार्यक्रम का मिलन ग्रुप (मनपा), प्राप्ती फाउंडेशन के पंकज प्रलाद वैद, कौशल्या बिल्डर्स अँड डेव्हलपर्स, रूपम इलेक्ट्रॉनिक्स व मिलिंद हार्डवेयर का सहयोग मिला, जबकि संयोजन सुनील आर. गजभिये, अनिल सिरसाट, शैलेश जांभुलकर, विनोद डोंगरे द्वारा किया गया था। कार्यक्रम का मंच संचालन निवेदिका ज्योति भगत ने दिया। संगीत अरविद उपाध्या, विकास बारापात्रे, शैलेश ढोले, दीपक रामटेके, प्रशांत खडसे, दीपक कांबळे, मनोज विश्वकर्मा, श्रेयस वनकर, कृष्णा जनवारे, सुशील फ्रान्सिस, सचिन स्वदोदे , लिनेश नंदेश्वर का था। कार्यक्रम की मंच सजावट राजेश अमीन, ध्वनी व्यवस्था रिषभ एवं प्रकाश व्यवस्था माइकल, व्हिडिओ सुरज दोडके, स्क्रीन सोनू की थी।
