आधुनिक भारत के निर्माण के साथ ऐतिहासिक धरोहर की रक्षा हो
https://www.zeromilepress.com/2022/07/blog-post_83.html
नागपुर (आनंदमनोहर जोशी)। नागपुर शहर तीन सौ साल से भी पुराना तृषताब्दी वाला मध्य भारत का ऐतिहासिक शहर है। नागपुर शहर में ब्रिटिशकालीन इमारतें, रेलवे स्टेशन बिल्डिंग, विज्ञान संस्थान इमारत, न्यायालय की पुरानी पत्थर से बनी इमारत, मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ की इमारत, जी पी ओ इमारत , अजब घर संग्रहालय इमारत, नागपुर सीताबर्डी किला, महल चिटनिस पार्क के पास स्थित न्यू इंग्लिश इमारत, महल संघ बिल्डिंग, रेशमबाग स्थित हेडगेवार भवन, सरकारी वैद्यकीय इमारत, मेयो दवाखाना, महल स्थित राजाओं के निवास, मंदिर और मोक्षधाम के पास ऐतिहासिक धरोहर यह ऐसे स्थान है जिन्हें सुरक्षित रखने के प्रयास आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने किया।
लेकिन वर्तमान समय में आधुनिक मेट्रो आने से शहर का चेहरा मोहरा बदल गया है। यहां तक कि जीरोमाइल स्टोन के पास पुराने पत्थर , चार घोड़े की प्रतिमा को बचाने के प्रयास किए गए। यहां तक जीरोमाइल के आसपास गोवारी स्मारक, आजादी के दौर में शामिल नेताओं के पुतले, जीरोमाइल फाउंडेशन पार्क के साथ मेट्रो रेल के पिलर, ऑरेंज सिटी का मशहूर संतरा अपनी अलग पहचान बन चुके है। यही नहीं सीताबर्डी किले के आंतरिक भाग का श्रीगणेश मंदिर देश का प्रमुख श्रद्धास्थल है। उ
सी के साथ रिजर्व बैंक की इमारत के सामने विधान भवन इमारत, पास ही में स्थित कस्तूरचन्द पार्क की ऐतिहासिक धरोहर के साथ तोप आदि ऐतिहासिक पहचान को पर्यटन स्थल की जगह देना जरूरी है। इनक्रेडिबल इंडिया और आधुनिक भारत की सड़कों, इमारत के मध्य आनेवाली ऐतिहासिक धरोहर की यादें अब भविष्य के इतिहास के पन्नों में सिमटती नजर आ रही है। केंद्र सरकार, राज्य सरकार भी भारत को आधुनिक बनाने के लिए बेताब है। हाल ही में भारत के नए संसद भवन में अशोक स्तंभ को इमारत पर वर्तमान प्रधानमन्त्री ने उद्घाटन कर स्थापित किया। यह स्तंभ कांस्य मेटल से बनाया गया है।
भारत के मौजूदा संसद भवन की सुरक्षा के लिए सेना सुरक्षा चौकी भी बनाना जरूरी है। वैसे देश की राजधानी दिल्ली के पुराने संसद भवन इमारत, राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री कार्यालय के स्थान पर नवनिर्मित इमारत बनाना भविष्य के लिए जरूरी है। भारत सरकार को एक संसद भवन, राष्ट्रपति भवन, प्रधानमन्त्री कार्यालय के साथ देश के अनेक मंत्रालयों को नागपुर जैसे सुरक्षित स्थान पर बनाने की बात पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा कस्तूरचंद पार्क में अपने भाषण में कही थी।
अब जबकि श्रीलंका जैसे देश के राष्ट्रपति भवन को आम नागरिकों ने घेरकर असंवैधानिक कार्य किया। इसे देखते हुए दिल्ली की केन्द्र सरकार के वैज्ञानिक कार्यलय, इमारतों, 29 राज्य और पांच केंद्र शासित प्रदेश के इमारत, कार्यालय की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम करने जरूरी है। दिल्ली में शहीनबाग के पास पूर्व में अव्यवस्था हुई थी। भविष्य में देश की राजधानी, राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री कार्यालय की सुरक्षा के व्यापक इंतजाम भी करने होंगे।
