'गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड' में दर्ज़ हुआ तनय तिवारी और अलक्षेन्द्र मोगरे का नाम
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मेडिंगलिश की तकनीक, मेडिटेशन, लाइट और म्यूजिक इफेक्ट के साथ लोग सीख रहे अंग्रेजी…
नागपुर/रायपुर। लोगों को इंग्लिश आसान और रोचक तरीके से सिखाने के लिए कई संस्थाएं लगातार काम करती है। ऐसी ही एक संस्था रायपुर के पचपेड़ी नाका में संचालित “मेडिंग्लिश” भी है। हाल ही में इस संस्था ने अपना नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया है।
मेडिंगलिश लर्न इंग्लिश बाई मेडिटेशन तकनीक की वजह से गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड में संस्था का नाम दर्ज हुआ है। इसकी जानकारी संस्था के अध्यक्ष अलकशेंद्र मोगरे और गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की अधिकृत संवाददाता सोनल राजेश शर्मा ने आज रायपुर स्थित प्रेस क्लब में दी।
सोनल राजेश शर्मा ने बताया कि रायपुर में पचपेड़ी नाका एरिया में संचालित मेडिंगलिश लर्न इंग्लिश बाई मेडिटेशन तकनीक को “गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया है। क्लास में मेडिटेशन के साथ इंग्लिश की प्रैक्टिस करते हुए वीडियो बनाकर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के हेड ऑफिस भेजा गया था। जिसमें यह पाया गया कि मेडिंगलिश संस्था विश्व की पहली संस्था है जहां मेडिटेशन के माध्यम से इंग्लिश सिखाई जाती है।
ऐसे दिया जाता है प्रशिक्षण :
इस तकनीक में मेडिटेशन के माध्यम से लाइट और म्यूजिक इफेक्ट द्वारा सबकॉन्शियस माइंड को इंग्लिश में सोचने और समझने का प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि किसी भी आयु या वर्ग का व्यक्ति जिंदगी भर के लिए फ्लूएंट इंग्लिश बोल सके।
अबतक हजार भर से ज्यादा लोगों को सिखा चुके इंग्लिश :
संस्था की ओर से अब तक इस तकनीक से 1000 से ज़्यादा स्टुडेंट को प्रशिक्षण दिया जा चुका है जिसमें शासकीय अधिकारी, गृहणी, व्यापारी तथा कॉलेज स्कूल के छात्र शामिल है। इस तकनीक से मेडिटेशन का भी लाभ मिलता है जैसे तनाव कम होना, एकाग्रता को बढ़ाना, मेमोरी का तेज होना, आत्मविश्वास बढना।
भिलाई, कवर्धा और महासमुंद में भी संचालित है संस्था:
संस्य के अध्यक्ष तथा नेशनल मोटिवेशनल स्पीकर अलक्षेंद्र मोगरे ने बताया कि यह तकनीक उनकी टीम की मेहनत का परिणाम है। जिसमें संगीता मोगरे, तनय तिवारी, दिनेश साहू, ऐश्वर्या मोगरे, आदित्य ताम्रकार शामिल है। मेडिंगलिश की ब्रांच भिलाई, महासमुंद में रिजवी मेडिंगलिश और कवर्धा में अशोका पब्लिक स्कूल द्वारा अशोका मेडिंगलिश के नाम से संचालित है। इस तकनीक से कवर्धा जिले के स्वामी आत्मानंद इंग्लिश स्कूल के कक्षा तीसरी से बारहवी के छात्रों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। भविष्य में यह संस्था प्रदेश के सभी जिलों के शासकीय तथा गैर शासकीय शिक्षा संस्थानों को अपनी तकनीक साझा करके कार्य करने की इच्छुक है।


