'आजादी का अमृत महोत्सव' उत्सव के तहत व्याख्यान का आयोजन
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नागपुर। दयानंद आर्य कन्या महाविद्यालय छात्र परिषद, और समाजशास्त्र विभाग ने भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद के सहयोग से "आजादी का अमृत महोत्सव", कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
बीएल अम्लानी कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स विले पार्ले, मुंबई के प्राचार्य डॉ जितेंद्र अहिरकर संसाधन व्यक्ति के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने 'राष्ट्र के नारीवादी प्रतिनिधित्व' विषय पर बात की। कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्वलन से की गई।
दयानंद आर्य कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ श्रद्धा अनिलकुमार के स्वागत भाषण के साथ हुई। बी एल अम्लानी कॉलेज के प्राचार्य डॉ जितेंद्र अहिरकर सर को विशेष व्याख्याता के रूप में आमंत्रित किया गया था।
उन्होंने अपने वक्तव्य में महिलाओं को आगे बढ़ाने हेतु कैरियर के नए, नए आयाम तथा महिलाओं को किस प्रकार से सजग रहना है, या तो अपना रहने का तरीका, तथा चलने का ढंग कैसा होना चाहिए, और आज के दौर में हर क्षेत्र में अलग-अलग प्रकार की स्पर्धा परीक्षा होती है उस स्पर्धा परीक्षाओं में टिकने हेतु किस प्रकार परिश्रम करना अनिवार्य होता है यह सभी जानकारी उन्होंने बहुत ही सरलता से हंसते हुए मनोरंजनात्मक तरीके से छात्राओं का मार्गदर्शन किया।
महिलाओं का बड़े पैमाने पर राष्ट्र निर्माण में योगदान होता है क्योंकि यह योगदान पुरुषों के सम्मान को पुनः प्राप्त करने के लिए लड़कों का योगदान नहीं है, जब हम राष्ट्र के बारे में बात करते हैं तो हम उसके आसपास के राष्ट्र को एक विशेष भाषा में संप्रेषित करते हैं।
इस भाषा के माध्यम से ही भारत को हिंदुस्तान भी कहा जाता है जिसका अर्थ है हिंदुओं की भूमि या भारत माता को लोकप्रिय रूप से भारत माता कहा जाता है जब कोई ऐसा कहता है तो वह इस राष्ट्र को केवल हिंदुओं की भूमि मानता है। इस प्रकार उन्होंने बहुत से ऐसे अलग-अलग उदाहरण देकर छात्राओं का मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ चेतना पाठक ने किया। अतिथि का परिचय प्राध्यापिका दिव्या पारेकर ने दीया और आभार प्रदर्शन डॉ मीना बालपांडे ने किया। कार्यक्रम में लगभग 150 छात्राओं का योगदान रहा।