वार्षिक उत्सव में सुगम संगीत में पुराने गानों पर नाचे और झूमे बुजुर्ग
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नागपुर। रिटायरमेंट के बाद भी टेलीकॉम कर्मियों को आपस में जोड़े रखने, उनमें समरसता और मेलजोल बनायें रखने के उद्देश्य से विगत 40 वर्षों से सक्रिय टेलीकॉम एम्प्लाइज एसोसिएशन नागपुर डिस्ट्रिक्ट का वार्षिक उत्सव (गेट टू गेदर) एमेनिटी हाल सी टी ओ कम्पाउन्ड में बड़े हर्षोल्लास पूर्वक सम्पन्न हुआ। मंच पर संगठन के अध्यक्ष एम के आलकरी, उपाध्यक्ष प्रकाश काशिव, मुख्य अतिथि म्यूजिक कंपोजर गायक युवराज चौधरी, सुमधुरकंठी गायिका वैशाली मदारे तथा संगठन के पूर्व सचिव ए जी पलसापुरे मौजूद थे।
प्रस्तावना ए जी पलसापुरे ने रखी तथा संगठन के नये सचिव सुनील किंडरले ने अपने प्रतिवेदन में एसोसिएशन की प्रगति पर एक रिपोर्ट पढ़ी। बड़ी संख्या में पधारे सदस्यों को हाल में अपने अपने स्थानों पर बैठने का आव्हान करते हुए अतिथि कलाकारों एवं मंचासीनों का परिचय तथा कुशल मंच संचालन मुहावरे दार शब्दों और लोकप्रिय ग़ज़लों के शेरों के साथ विमलेश सूर्यवंशी ने किया। अतिथियों और मंचासीनों का सत्कार शाल, श्रीफल, गुलाब पुष्प, तथा फूलों के गमलें भेंटकर संस्था के पदाधिकारियों द्वारा किया गया।
इस अवसर पर उम्र के 80 वर्ष पार कर चुके श्री जे एन अहूजा श्रीमती लीला भावे, श्री पी एल फुसाटे, श्रीमती एम एम शेंडे सहित 16 सदस्यों का सत्कार शाल, श्रीफल, गुलाब के पुष्पों और पुष्प पौधों से सजे गमलें अतिथियों और संस्था के पदाधिकारियों द्वारा भेंटकर किया गया। वहीं उम्र के 75 वर्ष पार कर चुके श्री सी के भिसीकर, बी एच शेंडे, व्ही डब्ल्यू पाटिल, श्रीमती व्ही डी नन्दागवली, ए जी पलसापुरे, एस एम झामरे सहित 15 सदस्यों का सत्कार करतल ध्वनि के साथ पुष्पों के पौधों से सजे गमलें प्रदान कर किया गया।
साथ ही सुपरिचित म्यूजिक कम्पोज़र और गायक युवराज चौधरी के संयोजन में बहू प्रतिक्षित सुगम संगीत सरिता आयोजित की गई। प्रारंभ मराठी भावगीत- 'या जन्मावर या जगण्यावर.. के साथ अपने अंदाज में राज चौधरी ने किया। सदाबहार देशभक्ति गीत 'ऐ मेरे वतन के लोगों..’ अत्यंत मीठी आवाज में गायिका वैशाली मदारे ने गाकर खूब तालियां बटोरीं और एक भक्ति गीत कान्हा कान्हा आन पड़ी मैं...गाया तो श्रोता झूम उठे। राज चौधरी ने नये अंदाज में 'शोधिसी मनवा... मराठी भक्ति गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पश्चात् एक के बाद एक सुनहरे गीतों में ऐरी पवन ढूंढे किसे.., ओ मेरे शाहे खुबा.., युगल गीत अरे यार मेरे तुम भी हो... , मराठी गीत सांग कधी कलणार तुला ... ,प्यार तेरी पहली नज़र को..., ऐ मेरी जोहरा जबीं.., युगल गीत छोड़ दो आंचल जमाना क्या कहेगा.., दोस्ती-यारी का महत्व दर्शाता गीत 'तेरे जैसे यार कहां.., और एक देशभक्ति युगल गीत 'छोड़ो कल की बातें.. पर तो श्रोता मदमस्त होकर नृत्य करने लगे।
अध्यक्ष वयोवृद्ध एम के आलकरी ने अपने सम्बोधन में पुराने संस्मरणों का जिक्र करते हुए बुजुर्गों को प्रोत्साहित किया और हौसला आफजाई की। कार्यक्रम की सफलता के लिए कार्यकारिणी सदस्य गुडधे पिटिल, श्रीमती विजया अनेकर, करूणा पाटिल, सुनील किडंरले, जगदीश पोटे, ए जी पलसापुरे, प्रकाश काशिव, विमलेश सूर्यवंशी, एन एस पेशनें, डी एच मेहरे ने भारी मेहनत की। इस अवसर पर प्रमुखता से जी पी साहू, पी एल फुसाटे, व्ही डब्ल्यू पाटिल, सी पी गट्टेवार, गुडधे पाटिल, एस एस गहेरवार, आर एन सिंग, एस एम झामरे, श्रीमती एस ए आर नायडू सहित भारी संख्या में पेंशनर्स उपस्थित थे। आभार उपाध्यक्ष प्रकाश काशिव ने व्यक्त किया। पश्चात् सामूहिक राष्ट्रगान और स्वादिष्ट सहभोजन का आनंद लेते हुए कार्यक्रम समाप्त हुआ।


