मकरसंक्रांती उत्सव पर रखे विशेष सावधानिया : मंजु हेडाऊ
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नागपुर। अस्तित्व फॉउंडेशन, नागपुर की महिला मंडल अध्यक्षा एवं सामाजिक कार्यकर्ता मंजु प्रकाश हेडाऊ ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हम सभी जानते है कि नए वर्ष का पहला उत्सव मकर संक्रांती है| यह 14 जनवरी को मनाया जाता है, मकर संक्राति सुर्य के मकर राशि में प्रवेश, दिन के बढ़ने का, नई फसलो के निकलने का और शुभता का उत्सव है।
यह उत्सव हर राज्यो मे अपने-अपने तरिको से अपनी परंपराओं के हिसाब से मनाया जाता है। और मकर संक्राति में ही आकाश मे पतंग उडाने का भी उत्सव होता है। लोग एक साथ मिलकर, पतंग उड़ाते है और आनंद पाते है परंतु इसी कुछ क्षण के आनंद के बदले कभी कभी लोगो को अपनी जान गवानी पडती है, कभी पतंग के मांजे से गला कटकर, कभी छत से गिरकर, इलेक्ट्रीक शॉक आदि के कारणों से लोगो की जान जाती है।
हालांकि सटीक आंकड़े सामने नहीं आते परंतु हर साल हजारों बच्चों को पतंग के कारण अपनी जान खोनी पड़ती है, साथ ही निर्दोष पशु पक्षी कभी इनके चपेट में आ जाते है| जी हा आकाश मे उडते सुंदर पक्षी जो की पतंग के मांजे से मारे जाते है।
नाएलॉन मांजा जो की सबसे खतरनाक है इस नाएलॉन मांजे और पतंग बाजी से शहर के साथ-साथ गाव और शहरो में मांजे के जाल बिछ जाते है जो जन-हानी और पशु पक्षीयों के लिए खतरा है| इसीलिए लोगों को वाहन चलाते समय छोटे बच्चो को आगे ना बैठाए, बाईक चलाते समय गले को स्कार्फ या कपडे से ढककर रखना चाहिए।
इन दिनो फ्लाई ओवर पुलिया का इस्तेमाल कम से कम करना चाहिए, वाहनों को सुरक्षा रॉड अथवा अपने ऊंचाई वाला तार लगाना चाहिए जिससे मांजा अगर वाहन के आगे आये तो वह तार के उपर से निकल जाये और आप सुरक्षित रहे इस प्रकार आप अपनी और अपने परिवार के सदस्यों की जान बचा सकते है।
सरकार को भी नाएलान मांजा उपयोग करने वालो पर कड़ी कारवाही करनी चाहिए जिससे लोगो की जान बच सके उत्सव मनाये परंतु सावधानी अपनाये. जनहित मे.
