हिंगणा में राष्ट्रभक्ति समूहगीतों की सुरलहरियों ने विद्यार्थियों ने जीता श्रोताओं का मन
https://www.zeromilepress.com/2026/01/blog-post_52.html
यशवंतराव चव्हाण सेंटर एवं संत गमाजी महाराज शिक्षण संस्था का संयुक्त उपक्रम; तालुके की 29 शालाओं की सुरमयी सहभागिता
नागपुर/हिंगणा। गणतंत्र दिवस की पूर्वसंध्या पर हिंगणा तालुके में देशभक्ति का उत्सव साकार हुआ। अवसर था यशवंतराव चव्हाण सेंटर, जिला केंद्र नागपुर तथा श्री संत गमाजी महाराज शिक्षण संस्था, हिंगणा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘तालुका स्तरीय अंतरशालेय देशभक्ति समूहगीत प्रतियोगिता’ का। इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत एक से बढ़कर एक गीतों ने पूरे वातावरण को राष्ट्रप्रेम से सराबोर कर दिया। ‘हम सब भारतीय हैं’, ‘साथ चले हम साथ लड़े हम मंज़िल हमारी एक है’ जैसे एकता के स्वरों से लेकर ‘वतन है हमारा प्यारा हिंदुस्तान’ जैसे गौरवगीतों तक अनेक रचनाओं ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
कार्यक्रम का उद्घाटन राज्य के पूर्व मंत्री रमेशचंद्र बंग के करकमलों से संपन्न हुआ। इस अवसर पर मंच पर यशवंतराव चव्हाण सेंटर के जिला अध्यक्ष महेश बंग, उपाध्यक्ष राजाभाऊ टाकसांडे, कोषाध्यक्ष रविंद्र देशमुख, संत गमाजी महाराज शिक्षण संस्था की उपाध्यक्ष अरुणा बंग, प्राचार्य नितीन तुपेकर, मुख्याध्यापक शशिकांत मोहिते, मुख्याध्यापक संदीप कैलुके मुख्याध्यापक देवेंद्र फटिंग, इशानी मित्रा उपस्थित थे। विद्यार्थियों की कला प्रतिभा की सराहना करते हुए मान्यवरों ने कहा कि ऐसे उपक्रमों से ही भविष्य का जागरूक नागरिक तैयार होता है।
प्रतियोगिता में सहभागी विद्यार्थियों ने विभिन्न गीतों के माध्यम से देश के वैभवशाली इतिहास का दर्शन कराया। ‘हम पर प्रहार करने वाले चिंता कर अपने प्राणों की’, ‘मत देख देश ने तुझे क्या दिया, ये सोच तूने देश को क्या दिया’ और ‘जहाँ डाल-डाल पर सोने की चिड़ियाँ, ओ भारत देश है मेरा’ जैसे गीतों ने श्रोताओं को रोमांचित कर दिया। विशेष रूप से ‘हिमालयावर संकट येता सह्याद्री धावतो’ और ‘हे माय भू फेडील पांग तुझे’ जैसे मराठी गीतों के माध्यम से महाराष्ट्र की वीरगाथा गाई गई। ‘नेत्रहीनों द्वारा गाए गए देशभक्ति के मधुर गीतों’ की प्रस्तुति ने उपस्थित जनों की आँखें नम कर दीं। ‘समता और विश्व शांति का भारत देश महान’, ‘आहुति से सिद्ध किया मंत्र वंदे मातरम्’, ‘हे वंदनीय भारता, हे अभिनंदनीय भारता’ तथा ‘दिल दिया है जान भी देंगे ये वतन तेरे लिए’ जैसे गीतों के माध्यम से विद्यार्थियों ने गणतंत्र दिवस की पूर्वसंध्या पर अखंड भारत का चित्र उकेरा। ‘दे दी हमें आज़ादी बिना खड्ग बिना ढाल, साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल’ गीत ने महात्मा गांधी की स्मृतियों को उजागर किया।
दो वर्गों में आयोजित इस प्रतियोगिता में ‘अ’ वर्ग (कक्षा 5 से 7) में 18 शालाओं तथा ‘ब’ वर्ग (कक्षा 8 से 10) में 11 शालाओं ने सहभाग लिया। प्रसिद्ध गायिका स्मृति मुलमुले और राधा ठेंगड़ी ने निर्णायक के रूप में निर्णय दिया। ‘अ’ वर्ग में स्कूल ऑफ स्कॉलर्स वानाडोंगरी ने प्रथम (2100 रु.), इंटरनेशनल स्कूल नागलवाड़ी ने द्वितीय (1500 रु.) तथा जी. एच. रायसोनी पब्लिक स्कूल सुकळी ने तृतीय (1100 रु.) स्थान प्राप्त किया। स्व. देवकीबाई बंग विद्यालय एवं जिला परिषद प्राथमिक शाला धनगरपुरा को प्रोत्साहन पुरस्कार मिले। ‘ब’ वर्ग में इसेन्स इंटरनेशनल स्कूल नागलवाड़ी ने प्रथम, स्कूल ऑफ स्कॉलर्स वानाडोंगरी ने द्वितीय तथा बालाजी हाई स्कूल ने तृतीय स्थान हासिल किया। ज्ञानज्योति आवासीय अंध विद्यालय और नेहरू विद्यालय हिंगणा को प्रोत्साहन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सुसंगठित संचालन आनंद महाले ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन स्मिता मोहरील ने किया।
