बच्चे की प्रतिभा पहचानते हुए तराशना यह पेरेंट्स का काम है : प्रो. विनोद बालकोट
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उभरते सितारे मे 'पारिवारिक ऋणानुबंध'
नागपुर। अव्वल अल्लाह नूर उपाया, कुदरत के सब बंदे। एक नूर ते सब जग उपजा कौन भले कौन चंगे।।
मतलब, प्रतिभा हर बच्चे में है और उसे पहचानते हुए तराशना यह पेरेंट्स का काम है। और यह काम उभरते सितारे इस मंच में भी हो रहा है। आज के ये बच्चे बड़े हाईटेक जनरेशन है। गीत संगीत के साथ- साथ आप सभी बच्चे भाषा के क्षेत्र में भी आगे बढ़े। विदेशी भाषाओं से हमारी भाषा बिल्कुल कम नहीं है। हमारे देश की विभिन्न भाषाएं बहुत मधुर है। यह विचार प्रोफेसर विनोद बालकोट ने बच्चों और उनके अभिभावकों के बीच रखें। और साथ ही रूस और फ्रेंच भाषा के गीत के साथ मिमिक्री भी करके दिखाया।
विदर्भ हिंदी साहित्य सम्मेलन का नवोदित प्रतिभाओं को समर्पित उपक्रम 'उभरते सितारे' का आयोजन हिंदी मोर भवन के उत्कर्ष हॉल में किया गया। कार्यक्रम का विषय 'पारिवारिक ऋणानुबंध' पर आधारित शिक्षाप्रद, ज्ञानवर्धक और संगीतमय प्रस्तुतियों से भरा रहा। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप मे राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपूर विद्यापीठ के रशियन और फ्रेंच भाषातज्ञ प्रोफेसर डॉ. विनोद बालकोट जी उपस्थित थे। इनका सम्मान संयोजक युवराज चौधरी ने स्वागत वस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर किया। अतिथि का परिचय प्रशांत शंभरकर द्वारा दिया गया। इस अवसर पर वेकोलि के सेवानिवृत्ति क्षेत्रीय मुख्य महाप्रबंधक अरुण खोबरागड़े प्रमुखता से उपस्थित थे।
तत्पश्चात, गीत संगीत से बच्चों की प्रस्तुतियां सराहनीय रही। जिसमें, ताश्वी विनोद बालकोटे और जयवर्धन बालकोटे ने सुंदर कविता सुनाई। किशन वर्मा और जय हरने के जेके डांस एकेडमी से हितेश डाहाके, भार्गवी नरड, दोहिका अग्रवाल, मेघन सखारकर, प्रिशा भैया, अनायरा शिरभाते, देवासी बिलावने, तृषा विजय जांभुलकर, रेहांशी दिनेश वोकडे आदि ने शानदार नृत्य की प्रस्तुति से दिल जीत लिया। अनुश्री टाले, हिमांशु डाहाके, आहान नेगे, स्पृहा फुरसुले, आदित्य मिंज और भव्या अरोरा ने सुंदर गीत गाकर समां बांध दिया।
बच्चों की प्रस्तुतियों को उनके अभिभावकों के साथ-साथ मीनाक्षी केसरवानी, संगीता बालकोटे, चंदा डाहाके, शीला नेगे, ज्योति खोबरागड़े, वीणा मोहाडीकर, जय हरने, कृष्णा कपूर, जस्टिन योहान्स, मनीष जैन, डॉ. पूनम सारडा, प्रियंका जांभुलकर, गीता सुरेश मिंज, श्वेता फुरसुले, वैशाली मदारे, वेदप्रकाश अरोरा आदि ने बहुत सराहा। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रशांत शंभरकर ने सहयोग दिया। कार्यक्रम का संचालन एवं उपस्थित सभी दर्शकों, कलाकारों और बच्चों का आभार संयोजक युवराज चौधरी ने अपने शब्दों में व्यक्त किया ।


