बच्चो की कला गुणों को उभारना, उनके माता-पिता और शिक्षक का कर्तव्य है : डॉ. प्रेरणा काले
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उभरते सितारे मे 'पारिवारिक खुशियां'
नागपुर। हर बच्चे में एक विशेष क्वालिटी रहती है। उनके इन्हीं कला गुणों को उभारना, उनके माता-पिता और शिक्षक का कर्तव्य है। और उन्हें, एनर्जेटिक बनाने के लिए साफ सुथरा और हेल्दी खाना खिलाना आवश्यक है। बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए बच्चों को अच्छा भोजन जरुरी है। बच्चों को एनर्जी का स्त्रोत भोजन के साथ अन्य विटामिन्स और सूर्य किरण आवश्यक है। टीवी में बच्चों के लोकप्रिय कार्टूंस कैसे अपनी एनर्जी कलेक्ट करते हैं। साथ ही सभी जनों को साफ सफाई का बहुत ध्यान रखना आवश्यक है। खाने से पहले स्वच्छता के लिए हाथ धोना यह बच्चों को सीखना अनिवार्य है। बच्चों के लिए मोबाइल बुरी चीज नहीं है लेकिन, उसका उपयोग आवश्यकता के अनुसार ही करें। परिवार के सभी सदस्यों के साथ कुछ समय जरूर बिताएं।और हमेशा खुश रहने का प्रयास करें। यह विचार डॉ. प्रेरणा काले ने बच्चों और उनके अभिभावकों के बीच रखें।
विदर्भ हिंदी साहित्य सम्मेलन का नवोदित प्रतिभाओं को समर्पित उपक्रम 'उभरते सितारे' का आयोजन हिंदी मोर भवन के उत्कर्ष हॉल में किया गया। कार्यक्रम का विषय 'पारिवारिक खुशियां' पर आधारित शिक्षाप्रद, ज्ञानवर्धक और संगीतमय प्रस्तुतियों से भरा रहा। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप मे अंतर भारती आश्रम, दाभा के पूर्व आरएमओ डॉ. प्रेरणा काले जी उपस्थित थीं। इनका सम्मान संयोजक युवराज चौधरी ने स्वागत वस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर किया। इस अवसर पर विशेष रूप से पद्मा इंटरनेशनल स्कूल की संचालिका और मुख्याध्यापिका नीरजा प्रशांत शंभरकर प्रमुखता से उपस्थित थी।
तत्पश्चात, गीत संगीत से बच्चों की प्रस्तुतियां सराहनीय रही। जिसमें, पदमा इंटरनेशनल स्कूल से अभिशा प्रबुद्ध वासनिक, श्राव्या सुखदेवे, समृद्धी श्रीवास्तव, पिहू पटेल, इशिका यादव, अर्निका कोसमकर, मिशिका दादोट, स्वराज ढोके, ट्रीशा साखरकर, तीहाना साखरकर, अक्षता वानखेड़े, अव्यान सोनट्टके, सात्विक आरोडे, दर्शित बहादुरे, अधीरा शाहू, अय्याशी कासवटे, विहान लामसोंगे, मितांश शेंडे, विरा सोमकुंवर आदि ने शानदार नृत्य से दिल जीत लिया। अर्णव जिभकाटे, सौम्यरंजन बेहेरा, पूजा निष्ठल, भारती भगत, रश्मि कांबळे, विधी कांबळे, अक्षता वानखेडे, जिनीषा भोजवानी, अव्युक्त भोजवानी, चितरंजन बेहरा और भव्या अरोरा ने बेहतरीन गीतों की प्रस्तुति दी। कुछ बच्चों ने मोबाइल के फायदे और कुछ बच्चों ने मोबाइल से नुकसान की बातें भी बताई।
बच्चों की प्रस्तुतियों को उनके अभिभावकों के साथ-साथ मीनाक्षी केसरवानी, वन्दना जनबंधु, दर्शना परांजपे, अश्विनी दिक्षित, भावना अविनाश सोनट्टके, पंखुड़ी शाहू, विजय भगत, वेदप्रकाश अरोरा, वैशाली मदारे, वेणु काले आदि ने बहुत सराहा। कार्यक्रम को सफल बनाने में सुमेध हुमने ने सहयोग दिया। कार्यक्रम का संचालन एवं, उपस्थित सभी दर्शकों, कलाकारों और बच्चों का आभार संयोजक युवराज चौधरी ने अपने शब्दों में व्यक्त किया।


