नागपुर के युवाओं द्वारा नर्मदा परिक्रमा - राष्ट्रीय एकात्मता व सनातन धर्म का संदेश
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नागपुर। शहर के तीन युवाओं - विवेक मेंढी, मनोज लिल्होरे एवं शौनक गाडगे ने राष्ट्रीय एकात्मता तथा सनातन धर्म के प्रचार- प्रसार के उद्देश्य से नागपुर से नर्मदा परिक्रमा की शुरुआत की है। यह यात्रा वे 20 फरवरी को नागपुर से कार द्वारा रवाना होकर प्रारंभ की, जिसकी विधिवत शुरुआत ओंकारेश्वर से हुई।
अब तक लगभग 1700 किलोमीटर की परिक्रमा पूर्ण हो चुकी है। शेष लगभग 1600 किलोमीटर की परिक्रमा पूर्ण कर वे नागपुर वापस लौटेंगे। कुल मिलाकर यह परिक्रमा लगभग 3300 किलोमीटर की है, जो मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र - इन तीन राज्यों से होकर संपन्न हो रही है।
नर्मदा परिक्रमा की परंपरा के अनुसार नर्मदा मैया को पार नहीं किया जाता। दक्षिण तट की परिक्रमा पूर्ण करने के बाद विमलेश्वर से जलमार्ग द्वारा उत्तर तट पर पहुंचकर परिक्रमा पूर्ण की जाती है। इसमे ओंकारेश्वर सें परिक्रमा उठाकर वही पूर्ण करनी होती हैं साथ मे नर्मदा जल कॅन मे भरकर मैय्या कीं सुबह शाम आरती करनी होती हैं।
आज नर्मदा परिक्रमा के दौरान इंदौर में प्रवीण लोकरें, सविता लोकरें, मिलिंद पंचाक्षरी एवं तनु पंचाक्षरी द्वारा विवेक मेंढी, मनोज लिल्होरे और शौनक गाडगे सहित परिक्रमा में सहभागी यात्रियों का पुष्पहार पहनाकर स्वागत किया गया एवं मिठाई वितरित की गई।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी इनके द्वारा रामनवमी उत्सव, गजानन महाराज प्रकटदिन पर महाप्रसाद, तथा तान्हा पोळा जैसे सामाजिक-धार्मिक उपक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहे हैं।
विवेक मेंढी अपने घर पर वर्षभर सड़क पर भटकने वाली गायों को चारा एवं पानी उपलब्ध कराते हैं, ताकि वे प्लास्टिक एवं कचरा खाने से बच सकें। नर्मदा परिक्रमा के पश्चात आगे चलकर लगभग 4000 किलोमीटर की पदयात्रा (पैदल परिक्रमा) करने का भी उनका संकल्प है।

