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विदेशों में खासे पसंद किये जाते है लजीज गिहर


होली पर सिंधी समाज मे रहता हैं विशेष महत्व

नागपुर। सिंधी समाज मे आपसी सौहयार्द, भाईचारा, प्रेम बढ़ाने के लिये मीठे रसीले व्यंजन " गीहर" के आदान प्रदान का सिलसिला अनादिकाल से चलता आया हैं. होली में बाजारों में  गाठी व गिहर की मांग बढ़ गयी है. होली पर्व पर आपसी बैर भुलाकर रंग लगाते है। वंही इस महापर्व पर सिंधी समाज की खास परंपरा है। जिसमे समाज बंधु बहन बेटियों को सदैव साथ जोड़े रखने के लिए गिहर भेजते है। होलका माता को भोग अर्पित कर पूजन कर एक दूसरे को प्रेमभाव से गिहर खिलाते है। 

गीहर व्यापारियों के अनुसार इस वर्ष सीजन के आरंभ होते ही गीहरों की बिक्री इस वर्ष अच्छी हो रही है. न केवल नगर बल्कि विदर्भ, मध्यप्रदेश के शहरों में यहाँ से गिहर जाते है, साथ ही विदेशों में भी रह रहे समाजबंधुओं को भी गिहर काफी भाता है. नगर से उनके रिश्तेदार सुविधा अनुसार गिहर भेज रहे है. 

नगर में मुख्य रूप से जरीपटका, खामला, शांति नगर सहित हिरा स्वीट्स, हल्दीराम के आउटलेट्स पर मनभावन रसीला व्यंजन उपलब्ध रहता हैं. अशोक स्वीट्स के संचालक विजय गुरमुखदास गुलानी ने बताया कि गिहर के अलावा होली पर मीठे समोसे , कचौड़ी ,  ना ना प्रकार के नमकीन व्यंजन भी काफी पसंद किये जा रहे हैं.  मजेदार व्यंजन गीहर लोगों के दिलों में मिठास घोल रहे है. इस बार बाजार में 320 रु से  420 एवं हिरा स्वीट्स , हल्दीराम 480 से 520 रु प्रति किलो रखे गये हैं.
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