भ्रष्ट अधिकारियों को शिक्षकों की आर्थिक लूट करने नहीं देंगे : नागो गाणार
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महाराष्ट्र राज्य शिक्षक परिषद के नागपुर शहर जिला अधिवेशन संपन्न
नागपुर। महाराष्ट्र राज्य शिक्षक परिषद नागपुर शहर जिले का जिला अधिवेशन 1 फरवरी 2026 को शिक्षक सहकारी बैंक के सभागार गांधीसागर महल नागपुर में संपन्न हुआ। अधिवेशन की अध्यक्षता राजेंद्र पटले शहर अध्यक्ष ने की। उद्घाटक के रूप में प्रवीण दटके (विधायक मध्य नागपुर), स्वागताध्यक्ष सुधाकर कोहळे (पूर्व विधायक दक्षिण नागपुर), मार्गदर्शक अनिल सोले (पूर्व विधायक), नागो गाणार (पूर्व शिक्षक विधायक), पूजाताई चौधरी आदि मान्यवर उपस्थित थे।
नागपुर शहर महिला मोर्चा प्रमुख डिंपी बजाज ने अपने प्रस्ताविक में शिक्षक परिषद की कार्यप्रणाली स्पष्ट की तथा शिक्षक परिषद की ओर से 12 जनवरी से 23 जनवरी तक प्रत्येक स्कूल में कर्तव्यबोध दिवस के रूप में शिक्षक, अभिभावक एवं विद्यार्थियों के कर्तव्य व जिम्मेदारी पर मार्गदर्शन किया गया। मा. सुधाकर कोहळे ने पदवीधर मतदाता पंजीकरण पर विस्तृत मार्गदर्शन किया। मा. अनिल सोले सर ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं उसकी कार्यान्वयन पर मार्गदर्शन किया।मा. नागो गाणार ने शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों की आर्थिक लूट करने वाले भ्रष्ट अधिकारियों को उनकी जगह दिखाने के बिना शांत नहीं बैठने की चेतावनी दी तथा अंत तक शिक्षकों के साथ खड़े रहने का आश्वासन सभागार में दिया।
पुरानी पेंशन योजना सेवाशर्त नियम 1981 के नियम 19 व 20 आज भी अस्तित्व में हैं तथा उसके अनुसार कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना व जीपीएफ योजना है। इसलिए यह लड़ाई अंत तक लड़ने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य नहीं है, ऐसी स्थिति सर्वोच्च न्यायालय की सात सदस्यीय पीठ के समक्ष रखने के लिए परिषद प्रयासरत है। किसी भी शिक्षक पर मानसिक तनाव न आए, इसकी कड़ाई से निगरानी परिषद रखेगी, ऐसा वचन भी श्री गाणार ने उपस्थित शिक्षकों को दिया।
इसके साथ ही 10- 20- 30 आश्वासित प्रगति योजना, वरिष्ठ एवं चयन श्रेणी प्रस्ताव, मान्यता मामले, मराठी स्कूलों का भविष्य एवं अस्तित्व पर भी प्रकाश डाला।अंत में कार्यक्रम के अध्यक्ष राजेंद्र पटले ने शिक्षकों के मुद्दों का निपटारा करने के लिए परिषद हमेशा तैयार रहती है, ऐसा प्रतिपादन किया। इस अवसर पर मंच पर श्री. अजय वानखेड़े, विनोद पांढरे, सुधीर वारकर, संतोष सुरावर, प्रमोद बोढे, सौ. रंजना कावळे, हेमंत बेलखोडे, विनायक इंगळे गुरुजी उपस्थित थे।
कार्यक्रम की सफलता के लिए सुनील शेळके, गोवर्धन भोंगाडे, पुरुषोत्तम कावटे, ज्ञानेश्वर सावरकर, सुनील इलोरकर, रपेंद्र बसेशंकर, गुणवंत उचितकर आदि ने परिश्रम किया। कार्यक्रम का संचालन सौ. कांचन टेकाडे ने किया तथा आभार शशांक लेकुरवाळे ने माना।

