श्रेयस संस्था का 'ऐ मेरे दिल कहीं और चल' में दर्शक हुए मंत्रमुग्ध
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नागपुर। श्रेयस संस्था के तरफ से हृदयस्पर्शी संगीत कार्यक्रम 'ऐ मेरे दिल कहीं और चल' सदाबहार गीतों का कार्यक्रम साइंटिफिक सभागृह, लक्ष्मी नगर, नागपुर में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम की संकल्पना पंकज निमिषे की है तथा सूत्र संचालन स्वेता गर्गे अपने अनोखे अंदाज में किया। संगीत संयोजन उल्हास चिटमुलवार के मार्गदर्शन में हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत 'ज़िक्र होता है जब' पंकज निमिषे ने गाकर की, बाद में शशिकांत वाघमारे 'गर तुम भुला नो दोगे', जयराम मार्कड 'दिल ऐसा किसीने मेरा तोडा', अजय बावडेक और राखी काटोलकर 'इन हवाओं में', जयंत नांदापुरकर 'कुछ तो लोग कहेंगे', सुनील कठाळे"चाँद सी मेहबूबा', पंकज निमिषे और पल्लवी दाऊतखानी 'इतना न मुझसे तू प्यार', आनंद देव 'आ आ रे मितवा',
अर्चना पडेगांवकर 'ओ मेरे सोना रे', संदीप काळे 'कभी होती नहीं है जिसकी हार', शशिकांत वाघमारे और मनीषा चन्ने 'अहा रिमझिम के ये प्यारे प्यारे गीत लिये', अविनाश चन्ने और राखी काटोलकर 'ठहरिवे होश में आ लून', शशिकांत वाघमारे और वैदेही 'देखा एक ख्वाब तो वे' कार्यक्रम का समापन पंकज निमिषे 'जलते है जिसके लिये' गाकर किया, आयोजकों द्वारा सभी आये हुए दर्शकों का आभार माना।
