Loading...

डॉ. प्रवीण डबली ‘जल योद्धा सम्मान’ से सम्मानित


जल संरक्षण क्षेत्र में कार्य को मिला राष्ट्रीय सम्मान

नागपुर/बेंगलोर। नागपुर के प्रतिष्ठित नर्व इस्टीमुलेशन थेरेपिस्ट, वरिष्ठ पत्रकार एवं पर्यावरणविद् डॉ. प्रवीण नीलकंठराव डबली को जल संरक्षण एवं जल सुरक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट, सतत एवं प्रेरणादायक योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘जल योद्धा सम्मान’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान बंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर के विशालाक्षी मंडप में आयोजित भव्य समारोह में पूज्य गुरुजी श्री श्री रविशंकर जी के करकमलों से ट्रॉफी, शाल एवं प्रमाणपत्र के रूप में प्रदान किया गया। 


भारत सरकार के नीति आयोग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जल शक्ति मंत्रालय, भूमि संसाधन विभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय और 
महाराष्ट्र सरकार (साझेदार राज्य) के सहयोग से तथा  ज्ञान साझेदार एसोचैम, आईआईटी रुडकी और व्हील्स ग्लोबल फाउंडेशन व राष्ट्रीय साझेदार इज़राइल और फिनलैंड के सहयोग से सरकारीटेल.कॉम द्वारा आयोजित इस समारोह में डॉ. प्रवीण नीलकंठराव डबली द्वारा यह उपलब्धि हासिल करना न केवल नागपुर बल्कि पूरे विदर्भ क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।  

डॉ. प्रवीण डबली ने नर्व इस्टीमुलेशन थेरेपी के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। एक कुशल नर्व इस्टीमुलेशन थेरेपिस्ट होने के साथ-साथ वे एक जागरूक विचारक भी हैं, जो स्वास्थ्य और पर्यावरण के गहरे संबंध को समझते हैं। उनका मानना है कि “स्वस्थ शरीर, स्वस्थ पर्यावरण से ही संभव है,” और इसी विचार के साथ वे समाज में जागरूकता फैलाने तथा मृत ऐतिहासिक  कुओं को जीवित करने का कार्य निरंतर कर रहे हैं। नर्व इस्टीमुलेशन थेरेपी के माध्यम से उन्होंने अनेक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं, जिससे उन्हें व्यापक सामाजिक पहचान मिली है।

इस समारोह में देश-विदेश से आए कुल 36 जल योद्धाओं को उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री श्री रविशंकर जी ने कहा, “जल के प्रति निष्ठा ही सच्ची सेवा है।” उन्होंने जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल देते हुए पर्यावरण संरक्षण, रसायन मुक्त खेती तथा जल, वायु और भूमि प्रदूषण को नियंत्रित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि जल संरक्षण को एक जन आंदोलन बनाना आवश्यक है। वर्षा जल संचयन को अपनाना, पानी के विवेकपूर्ण उपयोग की आदत विकसित करना और कम पानी में कृषि करने की तकनीकों को बढ़ावा देना समय की मांग है।

डॉ. प्रवीण डबली ने अपने संबोधन में शहरी क्षेत्रों में बढ़ते जल संकट पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पारंपरिक जल स्रोत जैसे ऐतिहासिक कुएं, बावड़ियां और तालाब आज उपेक्षित हो रहे हैं, जबकि ये जल संरक्षण की मजबूत नींव हैं। उन्होंने इनके संरक्षण और पुनर्जीवन की आवश्यकता पर जोर देते हुए नागरिकों से अपने-अपने क्षेत्रों में जल बचाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में जल संकट और गंभीर हो सकता है।

डॉ. डबली ने यह भी बताया कि जिस प्रकार नर्व इस्टीमुलेशन थेरेपी शरीर के संतुलन को पुनर्स्थापित करती है, उसी प्रकार जल संरक्षण पृथ्वी के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उनका यह समग्र दृष्टिकोण उन्हें एक अलग पहचान देता है।

कार्यक्रम में पद्मश्री उमाशंकर पांडे, पद्मश्री कंवल सिंह चौहान, पद्मश्री पोपटराव पवार, पद्मश्री सेठ पाल सिंह, पद्मश्री भारत भूषण त्यागी और पद्मश्री डेजिग्नेट मोहन नागर, श्री श्री रूरल डेवलपमेंट प्रोग्राम ट्रस्ट तथा श्री श्री इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रसन्ना प्रभु, भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव (वाटरशेड मैनेजमेंट) श्री नितिन खाड़े, आयकर आयुक्त डॉ. नितिन वाघमोडे, वेस्टर्न कोल्डफील्ड लिमिटेड के डॉ. हेमंत शरद पांडे और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सचिन कुमार वैश्या, पूर्व जल शक्ति मंत्रालय के निदेशक श्री गिरिराज गोयल, आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर डॉ. आशीष पांडे, व्हील्स ग्लोबल फाउंडेशन की इंडिया सीईओ सुजाता नरसिम्हन, वरिष्ठ होम्योपैथिक विशेषज्ञ डॉ. ए.के. गुप्ता, सरकारीटेल के अमेय साठे प्रमुखता से उपस्थित थे। कार्यक्रम में विशेषज्ञों और अधिकारियों ने जल एवं कृषि प्रबंधन पर अपने विचार साझा किए।

डॉ. प्रवीण डबली को मिला यह सम्मान उनके समर्पण और समाजसेवा का प्रतीक है। उन्होंने नागपुर में कई सूखे कुओं को पुनर्जीवित कर जल उपलब्धता बढ़ाने में योगदान दिया है। साथ ही, नर्व स्टीमुलेशन थेरेपी के माध्यम से उन्होंने कई लोगों को नया जीवन देने का कार्य किया है। यह सम्मान उनके बहुआयामी व्यक्तित्व और समाज के प्रति उनके समर्पण को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाता है।

समाचार 5190288866977601359
मुख्यपृष्ठ item

ADS

Popular Posts

Random Posts

3/random/post-list

Flickr Photo

3/Sports/post-list