मन मंदिरा कार्यक्रम के माध्यम से सूरसप्तक ने मनाया मराठी भाषा गौरव दिन
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नागपुर। मराठी भाषा गौरव दिन के अवसर पर सूरसप्तक ने _मन मंदिरा_ नामक मराठी गीतों के कार्यक्रम का आयोजन किया था। यह कार्यक्रम शनिवार, 28 फरवरी को सायंटिफिक सभागृह में शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में 'केस नंबर 73' फिल्म की संवाद लेखिका, वेशभूषाकार और सूरसप्तक की गायिका ऋचा येनुरकर भांडारकर को सूरसप्तक द्वारा सम्मानित किया गया।
‘आई भवानी' गीत से कार्यक्रम की भक्तिरसयुक्त शुरुआत हुई। इसके बाद मन मंदिरा, सख्या रे, फिटे अंधाराचे जाळे, जागेपणी, धुंद एकांत हा, हिरवा निसर्ग, कधी तू रिमझिम, जेंव्हा तुझ्या बटांना, मला वेड लागले, तळव्यावर मेंदीचा जैसी 31 मराठी एकल, युगुल नये पुराने भावगीत, चित्रपट गीत प्रा. पद्मजा सिन्हा, प्रतिक्षा पट्टलवार, अश्विनी लुले, डॉ. ऋचा येनुरकर, संगीता भगत, अर्चना उचके, लता पटेल, अनुजा जोशी, मुकुल पांडे, डॉ. अमोल कुळकर्णी, आशिष घाटे, प्रा. निसर्ग राज, विजय देशपांडे, धीरज आटे, आदित्य फडके, योगेश देशपांडे ने गायक कलाकारों ने ताकत से प्रस्तुत किए।
उनको नचिकेत देव, पंकज यादव, आशिष घाटे, प्रमोद बावणे, ऋग्वेद पांडे, उल्हास चितमुलवार, तुषार विघ्ने ये वादक कलाकारों ने दमदार साथसंगत करते हुए मैफिल में रंग भरा। सुप्रसिद्ध निवेदिका शुभांगी रायलू के रसाळ निवेदन से कार्यक्रम की रंगत बढ़ गई। बहुत दिनों कें बाद केवल और केवल मराठी गीतों के इस कार्यक्रम ने रसिक मन पर मोहिनी डाली। सच अर्थ में मराठी गौरव दिन मनाया गया। कार्यक्रम की सफलता के लिए अरुण ओझरकर का विशेष सहयोग रहा।
