शौर्यगाथा पुस्तक का पुणे में 30 मई को विमोचन
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नागपुर। 21 परमवीर चक्र विजेताओं, 9 नोबेल पुरस्कार विजेताओं और महान विभूतियों पर आधारित प्रेरणादायी कविताओं का अद्भुत संकलन कैप्टन नरेंद्र कुमार सिद्धू मेरठ ने किया है, जिसका विमोचन पुणे में 30 मई को होगा। शौर्य गाथा- पुस्तक में वीरों और महान हस्तियों को समर्पित प्रेरणादायी काव्य संग्रह दिनांक 30 मई, पुणे (महाराष्ट्र) में बहुप्रतीक्षित पुस्तक "शौर्य गाथा" का भव्य विमोचन समारोह आयोजित किया जा रहा है।
यह पुस्तक (रिटायर्ड) कैप्टन सहाब नरेंद्र कुमार सिद्धू (मेरठ) द्वारा रचित है, जिसमें 21 परमवीर चक्र विजेताओं, 9 नोबेल पुरस्कार विजेताओं तथा अनेक महान विभूतियों के अद्वितीय योगदान को कविताओं के माध्यम से जीवंत किया गया है। यह केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि देशभक्ति, प्रेरणा और गौरव का अद्भुत संगम है।
इस अद्भुत पुस्तक में इंदौर के संगीत क्षेत्र के डॉ विवेक गावड़े के सांगीतिक कार्य उनकी संगीत और स्वास्थ्य पुस्तक के लिए देश विदेशों से सम्मान का ज़िक्र और उनपर भी कविता लिखी गयी है। इस महान कृति के प्रेरणास्त्रोत डॉ. सुधीर तारे सर हैं, जिनके मार्गदर्शन से यह संभव हो पाया। शौर्य गाथा : इस किताब के माध्यम से उन सभी वीरों को याद रखने उनके बलिदानों को याद करने के लिए लिखी गई है। कुछ महान हस्तियों के कार्य पर लिखी गई है जिनका नाम और महान कार्य आज तक आपने सुने नही होंगे आशा है कि आप सभी को कवि की भावनाएं समझ आयेंगी।
कैप्टन नरेन्द्र सिध्धू की जुबानी : मै कैप्टन नरेन्द्र सिध्धू गाॅव छबडिया जिला मेरठ से मैने ऐक गरीब किसान के घर मे जन्म लिया बडा परिवार आमदनी कम खर्चा ज्यादा माता पिता की हालत पर रहम आता मन मे बस ऐक ही बात जल्दी बडा हो जाऊ कही नौकरी मिल जाऐ कई बार प्राईवेट फैक्ट्रीयो के चक्कर लगाये ना बालिक कह देते वापस हातास होकर आता पढने मे ज्यादा दिल नही लगता पिता जी का हाथ बटाने की सोचता रहता हाई स्कुल मे केवल पैतालिस पर्सैंट नम्बर 12वी मे पढते हुऐ आर्मी मे सिपाई के पद पर भर्ती हुवा अहमदनगर ट्रेनिग किया सिपाही बनने के बाद प्रमोशन कैसे मिले तो खेलो मे कडी मेहनत से किया।
आल इंडिया सर्विसेज मे 11 बार गोला फैकने मे गोल्ड मैडल हासिल किये । आर्मी में देश भक्ती ईमानदारी कडी मेहनत खेल मे अच्छा प्रदर्शन देखते हूऐ सुबेदार मेजर ऑन्नरेरी कैप्टन तक प्रमोशन दिया व आर्मी से काफी सम्मान भी मिला।
सन 2009 रिटायर मेंट के बाद चीनी मिल मे मुख्य सुरक्षा पद पर तैनात हुए आज भी मोजुद है।
किसानो के व मिल मालिको के दिलो मे कडा अनूशासन का पालन करते हूऐ जगह बनाई। समय निकाल कर लिखना शुरू किया आज की तारिख मे बीस से पचीस हजार गीत कविताऐ अपनी कलम से लिखी तीन पुस्तको का विमोचन जिसमे शौर्य गाथा पुस्तक ने लोगो के दिलो मे जगह बनाई आज देश के कोने कोने मे ऐक अच्छा कवि ऐक अच्छी देश सेवा ऐक खिलाडी ऐक अच्छा नागरिक बनकर आज मेरी ऊमर 62साल है लेकिन काम अभी भी 40साल ऊमर वाले ही कर रहे है।
ईराक, थाईलैड, इन्डोनेशिया से सम्मान 73 नैशनल आवार्ड, देश के हर दिल से सम्मान पाया है।
कामयाबी के पीछे के रहस्य : अपना घर हमेशा दिखाई देना। कडी महनत, ईमानदारी, वफादारी, कुछ कर गुजरने का जनुन। हर किस्म के नशे से दुरी, महिलाओ व बुजर्गो का सम्मान, अपने से निचे वालो से प्यार व मदद। हौसलों मे गर ऊडान है तो फिर हर मंजिल आसान है।
