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संस्कारों की पाठशाला है मां : सतीजा


नागपुर। मित्र परिवार की ओर से अनूठे प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया जिसमें होनहार छात्रों के साथ साथ उनके माता-पिता का भी सत्कार किया गया। कार्यक्रम में मंच पर प्रमुख अतिथि कलामंच के संस्थापक नरेंद्र सतीजा, डा मंगेश भोरकर, डा अभिजीत फाये, डा प्रियंका फाये, पद्मिनी चेपटे, विशाल चेपटे, अनुराधा नवघरे और नरेंद्र नवघरे उपस्थित थे। 

पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम आरंभ हुआ।  कार्यक्रम में बिना किसी ट्यूशन कक्षा के 98.8 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले नैतिक नवघरे और मोहनीश चेपटे का स्नेहिल सत्कार किया गया ।बच्चों का अभिनंदन करते हुए डा शिल्पा विंचुरकर ने शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में उपस्थित कवि अनिल मालोकर ने हास्य व्यंग्य की रचनाएं प्रस्तुत कर समा बांध दिया। 

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में सतीजा ने अभिभावकों का अभिवादन किया। उन्होंने बच्चों से कहा कि चाहे कितनी तरक्की कर लें लेकिन माता-पिता को न भूलें। मां संस्कारों की पाठशाला होती है। कार्यक्रम का संचालन संपदा नवघरे ने किया। आभार केतन नवघरे ने माना। कार्यक्रम के संयोजक राजेंद्र नवघरे थे। कार्यक्रम में मनीष विंचुरकर, प्रेमा भोरकर, धनराज शास्त्रकार, किरण वांढरे, राजकमल झिलपे, साक्षी शास्त्रकार, श्वेता झिलपे, मृणाली बुरडकर, प्रसन्न बुरडकर, चंदा मत्ते आदि की उपस्थिति रही।
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