बंगाल ने कर दिया ममता को 'कंगाल' : कुकरेजा
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उम्र भर दीदी को रहेगा मलाल
नागपुर। देश के 5 राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को वैश्विक मंच पर 'सर्वमान्य' नेता के रूप में प्रतिष्ठित कर दिया. उन्होंने अपने वज़नदार सहयोगियों के साथ प. बंगाल में ऐसा राजनीतिक चक्र चलाया कि जनता ने ममता बनर्जी को राजनीतिक दृष्टि से 'कंगाल' बना दिया. दीदी का पिछले 15 वर्षों से चलता आया साम्राज्य एक ही झटके में बिखर गया. टीएमसी के अहंकार का अंत निश्चित था. बंगाल की जनता कुशासन, भ्रष्टाचार, तानाशाही, शोषण, हिन्दुत्व का घोर अपमान, सरकार की शह पर कराई गई विदेशियों की घुसपैठ से चरम सीमा तक तंग आ चुकी थी. वहां की हिन्दू जनता अपने देवी-देवताओं के पर्व तक मुस्लिम हिंसा के साये में डरते-डरते मनाने को मजबूर थी.
ऐसे में बंगाल की जनता के सामने करिश्माई नेता पीएम मोदी, केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह, यूपी के सीएम योगी ने अन्य कद्दावर नेताओं के साथ मिलकर ऐसा बुलडोजर चलाया कि टीएमसी का वर्चस्व मलबे में तब्दील हो गया. कुकरेजा ने तंज कसा कि मोदी के 'झालमुड़ी' खाने की मिर्ची ममता एंड गैंग को इस कदर लगी, जिसकी जलन कई सालों तक रहेगी. असम के युवा नेता हिमंता सरमा ने सीएम के पद पर पिछले 2 कार्यकाल से ही अपनी कल्याणकारी छवि गढ़ी है, जिसका लाभ उन्हें इस चुनाव में मिला. वहां भाजपा ने दो-तिहाई से अधिक सीटें जीतकर 'हैट्रिक' लगाई. पुडुचेरी में भी बीजेपी की स्थिति मज़बूत रही. केरलम में जैसा कि अपेक्षित था, भाजपा ने उपस्थिति तो दर्ज़ कराई. तमिलनाडु में भले ही भाजपा को विशेष सफलता नहीं मिल पाई, मतदाताओं ने दिल में स्थान अवश्य दिया, जो भविष्य के लिए शुभ संकेत है, यह कहना ग़लत नहीं होगा कि 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों ने समूचे देश को 'भगवामय' बनाने के संकल्प पर मुहर लगा दी है.

