हिंगना तहसील में घोषित-अघोषित बिजली कटौती तत्काल बंद करें; अन्यथा महावितरण के खिलाफ होगा उग्र आंदोलन.
पूर्व जिला परिषद सदस्य दिनेश बंग के नेतृत्व में विभागीय कार्यकारी अभियंता को राष्ट्रवादी कांग्रेस का ज्ञापन
हिंगना। णण)वर्तमान में गर्मी का पारा अत्यधिक बढ़ जाने के बावजूद, हिंगना तहसील में दिन-रात जारी घोषित और अघोषित बिजली कटौती (लोड शेडिंग) के कारण स्थानीय नागरिक अत्यंत दयनीय और कष्टदायक जीवन जीने को मजबूर हैं। इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस शरदचंद्र पवार पार्टी की ओर से पूर्व जिला परिषद सदस्य दिनेश बंग के नेतृत्व में महावितरण के विभागीय कार्यकारी अभियंता स्वप्निल गोतमारे को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी व्यथा बताई गई। दिनेश बंग ने इस दौरान प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि तहसील की बिजली आपूर्ति तुरंत सुचारू नहीं की गई, तो आक्रोशित नागरिकों के साथ मिलकर महावितरण कार्यालय पर उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।
इस समय तहसील में तापमान का पारा काफी बढ़ गया है, और ऐसे भीषण उमस व गर्मी के मौसम में दिन-रात बार-बार और लंबे समय तक बिजली गुल रहने से कूलर, पंखे और वातानुकूलित (एसी) उपकरण ठप हो गए हैं, जिससे लोगों का जीना मुहाल हो गया है। घंटों बिजली गायब रहने के कारण घरों में भारी उमस पैदा हो रही है, जिसका सबसे ज्यादा खामियाजा घर के बुजुर्गों, बीमार व्यक्तियों और छोटे बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। चिलचिलाती गर्मी के कारण बुजुर्गों और बच्चों को लगातार कूलर या पंखे की आवश्यकता होती है, लेकिन बिजली न होने से हीट स्ट्रोक (उष्माघात) के कारण नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया है। इस गंभीर समस्या के साथ-साथ तहसील के कई हिस्सों में बिजली गुल रहने के कारण भीषण गर्मी में नागरिकों को गंभीर जल संकट का भी सामना करना पड़ रहा है। बिजली न होने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की जलापूर्ति योजनाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं। कुओं और नलकूपों (बोरवेल) से पानी नहीं निकाला पा रहा है, जिससे नागरिकों को पीने के पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
एक तरफ जहां नागरिक हर महीने अपना बिजली बिल नियमित रूप से भर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उन्हें उनके हक की बिजली से वंचित रखा जा रहा है। इसके अलावा, जब नागरिक इस परेशानी को लेकर स्थानीय बिजली वितरण कंपनी के कर्मचारियों से संपर्क करते हैं, तो उनकी ओर से टालमटोल और अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना जवाब दिए जाते हैं। कई बार कर्मचारी फोन नहीं उठाते या अपना फोन बंद कर देते हैं, जिससे जनता में महावितरण प्रशासन के खिलाफ तीव्र आक्रोश और असंतोष का माहौल है। इसलिए, हिंगना तहसील के नागरिकों के सब्र का और इम्तिहान न लेते हुए, प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से ले और तहसील की बिजली आपूर्ति तत्काल बहाल करे। साथ ही संबंधित कर्मचारियों को नागरिकों के साथ शालीनता से व्यवहार करने के निर्देश दिए जाएं, यह मांग दिनेश बंग ने की। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि अगले कुछ दिनों में बिजली आपूर्ति में उचित सुधार नहीं हुआ, तो राष्ट्रवादी कांग्रेस शरदचंद्र पवार पार्टी के तत्वावधान में हिंगना तहसील के आक्रोशित नागरिकों को साथ लेकर महावितरण कार्यालय पर तीव्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस अवसर पर पूर्व जिला परिषद सदस्य दिनेश बंग, राष्ट्रवादी कांग्रेस शरदचंद्र पवार पार्टी के वानाडोंगरी शहराध्यक्ष हरिभाऊ रसाल, राष्ट्रवादी कांग्रेस शरदचंद्र पवार पार्टी के गुट नेता व नगरसेवक (नगर परिषद वानाडोंगरी) अनूप डाखोले, डिगडोह नगर परिषद के नगरसेवक सुरेश कालबांडे, पूर्व पंचायत समिति उपसभापति उमेश सिंह राजपूत, पूर्व पंचायत समिति सदस्य सुनील बोंदाड़े, नारायण डाखळे, रामशंकर गुप्ता, प्रभुदयाल बिसेन, अनिल तुरारे, बंटी भांगे, शैलेश राय, उपसरपंच सिराज शेटे, नारायण सातपुते, शेख रफीक, लक्ष्मण बोदलखंडे, पुरुषोत्तम साकोरे, हिंगना नगर पंचायत के नगरसेवक दादाराव ईटनकर, नरेंद्र बर्वेकर, उपसरपंच दिनेश ढेंगरे, दिलीप उमाटे, रौनक खराबे, दीपावली कोहाड, सुनीता नागपुरे, मंगला ईटनकर सहित प्रमुख पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।