हमारा व्यवहार जैसा होगा, हमारे बच्चे भी वही सीखेंगे : हरमीत कौर लांबा
उभरते सितारे में 'सांस्कृतिक विरासत'
नागपुर। बच्चे देख कर ही सीखते हैं। आपके बच्चे आपको देख रहे हैं कि, आप कैसे अपना जीवन निर्वाह कर रहे हैं। इसे साइकोलॉजी की भाषा में रोल मॉडलिंग कहते हैं। आज, सभी पेरेंट्स मोबाइल में लगे रहते हैं। अगर हम अपना फोन रख दे तो, बच्चे भी मोबाइल ज्यादा नहीं देख पाएंगे। आप जो करेंगे वही बच्चा करेगा। आपका बच्चा आपका प्रतिबिंब है। जब हम अपने जीवन में सजग होंगे, हमारी वाणी में मिठास होगी, हमारे व्यवहार में सजगता, स्थिरता होगी तो, हमारे बच्चे भी वही सीखेंगे। आपके घर का वातावरण सही होना चाहिए। बच्चों को बाहर निकाल कर मैदान में प्राकृतिक खेल खेलना जरूरी है। यह विचार हरमीत कौर लांबा ने बच्चों और उनके अभिभावकों को के बीच रखें।
विदर्भ हिंदी साहित्य सम्मेलन का नवोदित प्रतिभाओं को समर्पित उपक्रम 'उभरते सितारे' का आयोजन हिंदी मोर भवन के उत्कर्ष हॉल में किया गया। कार्यक्रम का विषय 'सांस्कृतिक विरासत' पर आधारित शिक्षाप्रद, ज्ञानवर्धक और संगीतमय प्रस्तुतियों से भरा रहा। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट एंड काउंसलर हरमीत कौर लांबा जी उपस्थित थीं। इनका सम्मान संयोजक युवराज चौधरी और सहसंयोजिका वैशाली मदारे ने स्वागत वस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर किया।
तत्पश्चात, सभी बच्चों ने भी 'सांस्कृतिक विरासत' विषय पर सुंदर विचार रखते हुए शानदार नृत्य और गीतों की प्रस्तुति दी। जिसमें, सम्पूर्णा रेमंडल, पर्व डांस एकेडमी से सानवी डाहाके, सारेगामा डांस एंड म्यूजिक अकादमी से श्रुही भालेराव, अव्यम आंबेकर, नैक्स मेश्राम, शरण्या नितनवरे, जसविका शेंडे, अथर्व गजभिए, ईताष घरडे, केतकी डोंगरे, दिव्या कडसाईत, कोमल पांडे, कनक भैसारे, कृतिका मेघवानी, रिदान नंदा आदि ने शानदार नृत्य प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया। श्री बागल, विधी कृपलानी, आदित मिंज, अलीशा खोबरागड़े, त्रिशिका वाघमारे, जान्हवी तामगड़े, भव्या अरोरा, आरोही पोपलवार, नैक्स मेश्राम, राम बागल, सुतिक्ष रामटेके ने अपने गीत से सभी को प्रभावित किया। सारेगामा डांस एंड म्यूजिक अकादमी के बच्चों ने सामूहिक गीत पेश किया।
बच्चों की प्रस्तुतियों को उनके अभिभावकों के साथ-साथ जयश्री राहाटे, राशी नितनवारे, सुधा मेश्राम, अथक भैसारे, मोनिका रेमंडल, गीता सुरेश मिंज, जवाहर तरार, सीमा लूहा, शिवानी लूहा, स्नेहा सूरज रामटेके, हीर दीपक कृपलानी, प्रीति बागल, वेदप्रकाश अरोरा, सीमा पांडे और डॉ. हर्षानंद पोपलवार आदि ने बहुत सराहा। कार्यक्रम का कुशल संचालन सहसंयोजिका वैशाली मदारे ने किया। कार्यक्रम की सफलता के लिए प्रशांत शंभरकर ने सहयोग किया। तथा, उपस्थित सभी दर्शकों, कलाकारों और बच्चों का आभार संयोजक युवराज चौधरी ने व्यक्त किया।