Loading...

संगीत और संघर्ष के साधक : अशोक शर्मा


नागपुर/मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर जिले के बंदरा प्रखंड अंतर्गत सिमरा गांव निवासी आदरणीय अशोक शर्मा अपने संघर्षपूर्ण जीवन, मधुर संगीत साधना और भक्ति भाव के लिए क्षेत्रभर में विशेष पहचान रखते हैं। साधारण परिवार में जन्मे अशोक जी ने कठिन परिस्थितियों के बीच भी संगीत को अपनी साधना बनाकर समाज में प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। पिता के असामयिक निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारियों को निभाते हुए उन्होंने संगीत की राह नहीं छोड़ी। 

स्वर्गीय चन्देश्वर प्रसाद यादव के मार्गदर्शन में उन्होंने हारमोनियम, ढोलक और लोकभजन गायन में दक्षता प्राप्त की। उनकी भक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुति ने गांव से लेकर पटना गांधी मैदान तक लोगों को भावविभोर किया। नेहरू युवा केन्द्र सहित कई सांस्कृतिक मंचों पर सम्मानित अशोक शर्मा जी आज भी प्रभु श्रीराम, मां जानकी और हनुमान जी के भजनों से वातावरण को भक्तिमय बना देते हैं। संगीत साधना के साथ वे साइकिल बनाने का कार्य भी पूरी ईमानदारी से करते हैं। 

मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना हेतु उनका चयन क्षेत्र के लिए गर्व की बात मानी जा रही है। युवा लेखक कुमार संदीप ने बताया गया कि अशोक शर्मा अपनी सादगी, विनम्रता और लोकसंस्कृति के प्रति समर्पण के कारण आज पूरे क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर बन चुके हैं।
समाचार 32445615599873863
मुख्यपृष्ठ item