वरिष्ठ पत्रकार दिवाकर मोहोड 'आमरस समारोह' में सम्मानित
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स्नेह, संस्कार, सामाजिक एकता और पारस्परिक आत्मीयता को मजबूत करने वाला यह आयोजन साबित हुआ
नागपुर/वडली खुर्द। महाराष्ट्र के सुप्रसिद्ध रामकथाकार, कीर्तनकार एवं प्रवचनकार के रूप में विख्यात ह.भ.प. रामायणाचार्य रामराव महाराज ढोक अपनी प्रभावशाली रामकथा एवं समाज प्रबोधनकारी कार्यों के कारण दूर-दूर तक परिचित हैं। श्रीराम के आदर्श चरित्र का रसपूर्ण एवं ओजस्वी वर्णन करने वाले महाराज को उनकी उत्कृष्ट रामायण प्रवचन सेवा के लिए 'रामायणाचार्य' की उपाधि प्राप्त हुई है।
रामराव महाराज अपनी कथा, कीर्तन एवं प्रवचनों के माध्यम से भक्ति, नैतिकता, संस्कार, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक एकता का संदेश देते हैं। उनके अनुसार रामकथा का श्रवण केवल धार्मिक कार्य नहीं, बल्कि जीवन की अनेक समस्याओं के समाधान खोजने का एक मार्ग है। वे निरंतर यह संदेश देते हैं कि समाज को श्रीराम के आदर्श जीवन से प्रेरणा लेकर संस्कारित एवं मूल्यनिष्ठ जीवन जीना चाहिए।
महाराज का कार्यक्षेत्र महाराष्ट्र के साथ-साथ अन्य राज्यों तक विस्तृत है, फिर भी अपने मूल गांव वडली खुर्द से उनका जुड़ाव आज भी उतना ही मजबूत है। वर्ष में तीन-चार बार वे वडली खुर्द स्थित 'कौशल्य निवास' में विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं। विशेष रूप से प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाला आमरस भोज गांववासियों के लिए एक अनोखा स्नेह-मिलन बन जाता है।
इस आयोजन का उद्देश्य केवल आतिथ्य नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को एक साथ लाकर सामाजिक सौहार्द और एकजुटता को बढ़ावा देना है।
इस अवसर पर महाराज ग्रामीणों से संवाद करते हैं, उनके सुख-दुःख की जानकारी लेते हैं तथा विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों का सम्मान कर उन्हें प्रोत्साहित करते हैं।
इसके अतिरिक्त, वे आलंदी देवाची और पंढरपुर में वारकरी संप्रदाय के अध्ययन वर्गों का संचालन कर अध्यात्म, संस्कार और संत परंपरा की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य भी कर रहे हैं।
इस वर्ष आयोजित आमरस समारोह में विधायक चरणसिंह ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
साथ ही श्री चिखले सहित विभिन्न क्षेत्रों के अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। इस अवसर पर मराठी, हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के समाचार पत्रों के माध्यम से समाज की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाने वाले वरिष्ठ पत्रकार श्री दिवाकर मोहोड का शॉल एवं श्रीफल भेंट कर विशेष सम्मान किया गया।
पत्रकारिता के माध्यम से आमजन की समस्याओं को प्रभावी ढंग से सामने लाने और सामाजिक मुद्दों पर लगातार प्रकाश डालने वाले श्री मोहोड के कार्यों की उपस्थित जनों ने सराहना की। इस अवसर पर संजय सावरकर सहित अन्य अनेक गणमान्य व्यक्तियों तथा विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों का भी सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में गांव के सरपंच, उपसरपंच, ग्राम पंचायत के सभी सदस्य तथा बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे। स्नेह, संस्कार, सामाजिक एकता और पारस्परिक आत्मीयता को मजबूत करने वाला यह आमरस समारोह सभी उपस्थितों के लिए यादगार साबित हुआ।
समाज प्रबोधन, अध्यात्म और सामाजिक समरसता का सुंदर संगम प्रस्तुत करने वाले रामायणाचार्य रामराव महाराज ढोक का यह कार्य आज के समय में अत्यंत प्रेरणादायी है। वे समाज को एकसूत्र में बांधने और सामाजिक सौहार्द को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण कार्य निरंतर कर रहे हैं।

