कविता के रंग-कवियों के संग कार्यक्रम आयोजित
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नागपुर। अर्चना साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्था के तत्वावधान में श्रीमती सरोज व्यास के संयोजन में उनके निवास स्थान पर कविता के रंग-कवियों के संग कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध साहित्यकार एवं आयुर्वेदाचार्य डॉ.गोविंद प्रसाद उपाध्याय ने की जबकि प्रमुख अतिथि के रूप में सुप्रसिद्ध साहित्यकार एवं शिक्षाविद डॉ.मधुलता व्यास, विशिष्ट अतिथि मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के उपनिदेशक कार्यालय प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त श्री अनिल त्रिपाठी तथा संस्थाध्यक्ष डॉ. शशिकांत शर्मा मंचासीन थे। अतिथियों द्वारा माँ शारदा की प्रतिमा को माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन एवं डॉ. शशिकांत शर्मा की सरस्वती वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। संस्था द्वारा मंचासीन अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं उपस्थित कवियों का पुष्प देकर स्वागत किया गया।
डॉ. शशिकांत शर्मा ने अपने प्रास्ताविक में संस्था के उद्देश्यों, गतिविधियों एवं भावी योजनाओं पर प्रकाश डाला। श्री अनिल त्रिपाठी ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह संस्था मात्र संस्था नहीं है, अपितु यह एक पारिवारिक संगठन है जहाँ सब एक-दूसरे के सुख-दुख की बातें साझा करते हैं। पारिवारिक वातावरण में नगर के कोने-कोने में इस तरह की काव्य गोष्ठियों का आयोजन सचमुच सुखद भविष्य का संकेत है और यही अर्चना संस्था की विशेषता है। डॉ.मधुलता व्यास ने विचार व्यक्ति करते हुए कहा कि अर्चना संस्था द्वारा किए गए सभी कार्य स्तुत्य हैं। उन्होंने स्व. डॉ.हरभजन सिंह हंसपाल का भी इस अवसर पर स्मरण किया।
डॉ.गोविंद प्रसाद उपाध्याय ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि संस्था की स्थापना के समय निश्चित उद्देश्यों की पूर्ति ही संस्था की सफलता का मूलमंत्र है जिसे सभी सदस्य जिम्मेदारी के साथ निभा रहे हैं और संस्था सतत सृजनात्मक कार्य करती आ रही है। आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि भविष्य में भी यूँ ही ठोस रचनात्मक कार्य संस्था द्वारा संपन्न होते रहेंगे। कार्यक्रम के इस भाग का संचालन डॉ. शशिकांत शर्मा ने किया जबकि श्री जयराम दुबे ने आभार व्यक्त किया।
तत्पश्चात डॉ. कृष्णकुमार द्विवेदी के सूत्र संचालन में कविता के रंग-कवियों के संग कार्यक्रम के अंतर्गत सरस काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें सर्वश्री कंचन प्रजापति, पारसनाथ शर्मा, चंचल सिंह हंसपाल, जयप्रकाश शर्मा, नरेंद्र परिहार 'एकांत', रामकृष्ण सहस्रबुद्धे, डॉ. प्रकाश आचार्य, अरुण घारपुरे, प्रा.मनीष बाजपेई, शदाब अंजुम, डॉ. नीरज व्यास, दीनानाथ शुक्ल, डॉ. कृष्णकुमार द्विवेदी, अनिल त्रिपाठी, डॉ. शशिकांत शर्मा एवं डॉ. गोविंद प्रसाद उपाध्याय कवित्रियों में श्रीमती सरोज व्यास, डॉ.मधुलता व्यास, रीमा दीवान चड्ढा, मधु अरविंद पाटोदिया आदि ने अपनी सशक्त रचनाएँ प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम की सफलतार्थ श्री अरविंद पाटोदिया, श्री बद्रीनारायण व्यास, श्री अमिताभ व्यास, श्रीमती गीता शर्मा एवं श्रीमती गीतिका व्यास ने अथक प्रयास किया।
