हृदय की रक्तवाहिनियों के उपचार पद्धतियों पर शैक्षणिक संगोष्ठी संपन्न
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नागपुर। भारतीय हृदयरोगतज्ज्ञ संघ, विदर्भ शाखा की ओर से गुरुवार सायंकाल रामदासपेठ स्थित सेंटर पॉइंट होटल में हृदय की रक्तवाहिनियों की आधुनिक उपचार पद्धतियों पर आधारित एक शैक्षणिक संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में हृदयरोगतज्ज्ञों, चिकित्सा विशेषज्ञों तथा स्नातकोत्तर चिकित्सा विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभाग लिया। कार्यक्रम के प्रारंभ में विदर्भ शाखा के अध्यक्ष डॉ. निधीश मिश्रा ने उपस्थितों का स्वागत किया। संगोष्ठी के विभिन्न शैक्षणिक सत्रों की अध्यक्षता डॉ. जसपाल अर्नेजा, डॉ. महेश फुलवानी और डॉ. मनीष चोखांडरे ने की।
डॉ. वैभव राऊत और डॉ. वैभव महल्ले (वर्धा) ने जन्मजात हृदयविकारों में रक्तवाहिनियों के माध्यम से किए जाने वाले उपचारों में नवीन तकनीकों तथा फुफ्फुसीय वाल्व की संकुचन संबंधी समस्याओं के उपचार के विभिन्न चरणों पर मार्गदर्शन किया। डॉ. दिनेश पडोळे ने हृदय और मस्तिष्क से संबंधित जटिल रोगियों के उपचार के दौरान आवश्यक संतुलित दृष्टिकोण के महत्व को स्पष्ट किया। अर्नेजा हृदयरोग संस्थान के विशेषज्ञों ने हृदय की रक्तवाहिनियों से संबंधित जटिल उपचारों में उचित निर्णय कैसे लिया जाए, इस विषय पर अनुभव- आधारित मार्गदर्शन दिया।
डॉ. पराग रहाटेकर ने हृदय शल्यक्रिया के बाद उत्पन्न होने वाली जटिल रक्तवाहिनी समस्याओं के उपचार के साथ-साथ उच्च रक्तचाप के रोगियों में तंत्रिका तंत्र की अतिसक्रियता के कारण उत्पन्न होने वाले हृदय रोग के जोखिम पर विस्तार से जानकारी दी। संगोष्ठी में उपस्थित विशेषज्ञों ने विभिन्न रोगियों के उदाहरणों पर आधारित चर्चा में सक्रिय सहभाग लिया। परस्पर अनुभवों के आदान-प्रदान से यह शैक्षणिक उपक्रम अत्यंत ज्ञानवर्धक और चिकित्सकों के लिए उपयोगी सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम का समापन विदर्भ शाखा के मानद सचिव डॉ. विवेक मंडुरके द्वारा आभार प्रदर्शन के साथ किया गया। इसके पश्चात आयोजित स्नेहभोज के माध्यम से उपस्थितों को परस्पर संवाद, विचारों के आदान-प्रदान और व्यावसायिक सौहार्द को और अधिक सुदृढ़ करने का अवसर प्राप्त हुआ।
