वकीलों ने अधि. मनीष जायसवाल को मिली धमकी का किया निषेध
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नागपुर। यवतमाल न्यायालय में अधिवक्ता मनीष जायसवाल के साथ हुई अभद्रता और उन्हें जान से मारने धमकी देने के विरोध में अखिल भारतीय संयुक्त अधिवक्ता मंच भारत के सदस्यों ने प्रदेश उपाध्यक्ष अधिवक्ता आशीष पांडे के नेतृत्व व राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य अधिवक्ता छत्रपति शर्मा वरिष्ठ पदाधिकारी मृणाल मोर, सुंदरी चक्रनारायण की विशेष उपस्थिति में जिला व सत्र न्यायालय के सामने धरना प्रदर्शन करते हुए इस घटना का तीव्र निषेध किया।
अधिवक्ता एकता जिंदाबाद के नारे लगाते हुए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट तुरंत लागू करने कि मांग की गई। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए अधिवक्ता पांडे ने कहा कि आए दिन वकीलों पर हो रहे हमले और उन्हें मिल रही धमकी को देखते हुए जल्द से जल्द महाराष्ट्र सहित पूरे देश में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू होना चाहिए।
राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य छत्रपति शर्मा ने इस अवसर पर उपस्थित अधिवक्ताओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि उनका मंच पिछले सात आठ साल से एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की मांग कर रहा है यह कानून राजस्थान और तेलंगाना में पारित भी हो गया है लेकिन बावजूद इसके महाराष्ट्र में अब तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है, जिसके चलते आसामाजिक तत्वों की हिम्मत बढ़ रही है और आए दिन वकीलों को न सिर्फ धमकी मिल रही बल्कि हमले भी हो रहे हैं जो अच्छे संकेत नहीं है।
इस अवसर पर अधि. मृणाल मोरे सुंदरी चक्रनारायण ने कहा कि एडवोकेट यह कोर्ट ऑफिसर होता है लेकिन आजकल उसकी ही जान को खतरा बढ़ता जा रहा है आए दिन धमकियां मिलना और हमले होना यह आम बात हो गई है अब महिला वकील भी इस खौफ में जी रही है कि कहीं उन पर भी हमने होना न शुरू हो जाए! इसलिए अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम जल्द से जल्द लागू किया जाए।
प्रदर्शन करने वालों में अधिवक्ता छत्रपति शर्मा, आशीष पांडे, तावीर शेख, अमित बंड, मृणाल मोरे, सुंदरी चक्रनारायण, चंदन राऊत, वासुदेव कापसे, हरीश खान, राजेश तिवारी, जय साल्वे, मिथाली वानखेडे, वासुदेव घीमे, शलाका उईके, प्रीति खोबरागड़े, मंगला वारके, ताज मनहस, अधिवक्ता मिथुन और पंकज शुक्ला आदि उपस्थित थे।
