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एपीआई विदर्भ चैप्टर एवं द नेफ्रोलॉजी सोसायटी द्वारा 'मंथन नेफ्रोलॉजी 2026' सीएमई का सफल आयोजन

बाएं से दाएं: डॉ. अश्विनी तयाडे, डॉ. रमेश मुंडले, डॉ. तनुजा मनोहर, डॉ. कपिल सेजपाल, डॉ. आर. बी. कलमकर, डॉ. अश्विनी कुमार खांडेकर, डॉ. निशांत देशपांडे, डॉ. जितेश जेसवानी एवं डॉ. पियूष पंचालवार।

नागपुर। एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडिया (एपीआई), विदर्भ चैप्टर ने द नेफ्रोलॉजी सोसायटी के सहयोग से मंथन नेफ्रोलॉजी 2026 विषय पर प्रैक्टिकल नेफ्रोलॉजी फॉर एवरीडे क्लिनिकल प्रैक्टिस- शीर्षक से एक केंद्रित सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम का सफल आयोजन रविवार को होटल तुली इम्पीरियल, रामदासपेठ, नागपुर में किया।

इस शैक्षणिक कार्यक्रम में विदर्भ के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में फिजिशियनों, नेफ्रोलॉजिस्टों, स्नातकोत्तर चिकित्सा विद्यार्थियों एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य चिकित्सकों को गुर्दा रोगों की शीघ्र पहचान तथा साक्ष्य-आधारित उपचार पद्धतियों से अवगत कराना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ एपीआई विदर्भ चैप्टर की अध्यक्ष डॉ. तनुजा मनोहर के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने प्रारंभिक अवस्था में नेफ्रोलॉजी हस्तक्षेप के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मंथन नेफ्रोलॉजी 2026 के उद्देश्यों की जानकारी दी।

वैज्ञानिक सत्रों में अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किए गए। डॉ. विशाल रामटेके ने केडीआईजीओ 2024/2025 दिशानिर्देशों की नवीनतम जानकारी प्रस्तुत की। डॉ. कपिल सेजपाल ने कार्डियो-रीनल-मेटाबोलिक सिंड्रोम की अवधारणा पर विस्तार से प्रकाश डाला। 

डॉ. आनंद चेल्लापन ने चिकित्सकों के समक्ष आने वाली इलेक्ट्रोलाइट आपात स्थितियों के प्रभावी प्रबंधन पर चर्चा की, जबकि डॉ. शिव नारायण आचार्य ने डायलिसिस से जुड़े भ्रमों को दूर करते हुए रोगियों को उचित परामर्श देने के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला।

रीयल- वर्ल्ड क्रॉनिक किडनी डिजीज केस: व्हाट वुड यू डू? विषय पर आयोजित एक अत्यंत संवादात्मक पैनल चर्चा का संचालन डॉ. जितेश जेसवानी ने किया। इस चर्चा में डॉ. रमेश मुंडले, डॉ. निशांत देशपांडे, डॉ. पियुष पंचलवार एवं डॉ. अश्विनी कुमार खांडेकर ने अपने व्यावहारिक अनुभव साझा करते हुए जटिल सीकेडी मामलों के साक्ष्य-आधारित प्रबंधन पर उपयोगी मार्गदर्शन दिया।

वैज्ञानिक सत्रों की अध्यक्षता डॉ. आर. बी. कलमकर, डॉ. पियुष किम्मतकर, डॉ. प्रणव झा, डॉ. एस. एन. देशमुख, डॉ. मोनाली साहू, डॉ. अनिल मोडक, डॉ. माधुरी होले, डॉ. सुनंदा चावजी तथा डॉ. धनंजय उकलकर ने की। सभी अध्यक्षों ने अपने अनुभवों एवं विशेषज्ञ मार्गदर्शन से चर्चा को समृद्ध बनाया।

कार्यक्रम का समापन श्रोताओं के साथ प्रश्नोत्तर सत्र, विशेषज्ञों के महत्वपूर्ण संदेश तथा एपीआई विदर्भ चैप्टर की मानद सचिव डॉ. अश्विनी तायडे द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

आयोजकों ने कहा कि 'मंथन नेफ्रोलॉजी 2026' चिकित्सकों के लिए आधुनिक नेफ्रोलॉजी संबंधी ज्ञान को अद्यतन करने तथा फिजिशियनों एवं नेफ्रोलॉजिस्टों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर रोगियों को उत्कृष्ट चिकित्सा सेवा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक मंच सिद्ध हुआ।

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