फैंस का प्यार ही है मेरी जवानी का राज : अभिनेता सचिन
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नेत्रहीन गायकों का हुआ दमदार प्रदर्शन
नागपुर। प्रशंसकों से मुझे जो प्यार मिलता है, वह मेरी ऊर्जा है। वही मेरा ओंकार है। मैं योग नहीं करता हूं, बैडमिंटन खेलता हूं, लोगों को हंसाता हूं, खुद हंसता हूं, बच्चों के साथ खेलता हूं, इसलिए मैं अभी भी युवा दिखता हूं, सचिन पिलगांवकर ने उनकी जवानी का रहस्य बताया।
सचिन पिलगांवकर की अपनी दिल को खुश कर देनेवाली गपशप ने नागपुर के लोगों को जीत लिया और शहर की सांस्कृतिक दुनिया में नई जान फूंक दी। सचिन ने शो 'अखियों के झरोखों से' से नेत्रहीन कलाकारों को सलाम करते हुए उनके गायन और वादन का आनंद लिया।
ऑस्कर सांस्कृतिक संगीत कला अकादमी के बैनर तले चेतन सेवांकुर ऑर्केस्ट्रा ग्रुप वाशिम द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम 'अखियों के झरोखो से' शनिवार को कविवर्य सुरेश भट हॉल में हुआ । जाने-माने नेत्रहीन गायक पद्मश्री डॉ. रवींद्र जैन को उनकी छठी पुण्यतिथि के अवसर पर अभिवादन करने के लिए मिलन ग्रुप, एनएमसी, नागपुर द्वारा इस कार्यक्रम की कल्पना और आयोजन किया गया था।
कार्यक्रम में दशरथ जोगदंड, विकास गडेकर, कोमल खांडेकर और अश्विनी पवार इन दृष्टीहिन गायकोंने एकसे बढकर एक गत प्रस्तुत किये । उनके साथ कीबोर्ड पर चेतन उचितकर, ड्रम पर विजय खडसे, ऑक्टोपॅड पर अमोल गोडघासे और तबले पर रामेश्वर बाम्बले थे। उनके साथ अरविंद उपाध्याय, मंगेश पटले, नंदू गोहाने, अमर शेंडे, दीपक कांबले, अशोक तोकलवार, मनोज विश्वकर्मा, प्रशांत भिंगारे और मिस रक्षंदा भी थे।
कार्यक्रम की शुरुआत सभी कलाकारों के 'मंगल भवन' गीत से हुई। गायकों ने नवरात्रि उत्सव के अवसर पर देवी को नमन करते हुए लेके पूजा की थाली यह गीत का प्रदर्शन किया। सचिन पिलगांवकर जैसे ही मंच पर पहुंचे, हॉल में तालियों की गड़गड़ाहट हो गई। डॉ. महेश तिवारी ने उनका इंटरव्यू लिया। सचिन ने "बड़े अच्छे लगते हैं" गाना गाया।
गीत गाता चल, अखियों के झरोकों से, फकीरा चल चला चल, चोरीचा मामला, धरती तेरी माता, विभिन्न मराठी हिंदी गाने गायकों द्वारा प्रस्तुत किए गए। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
कार्यक्रम का सीधा प्रसारण राजू व्यास, चेतन सेवांकुर और धनराज राउत के फेसबुक पेज पर किया गया। महेश तिवारी और रेखा चौधरी ने मंच संचालन किया। ऋषभ, माइकल, राजेश अमीन और विनोद अग्रवाल ने तकनीकी पक्ष संभाला।
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माता-पिता बच्चों का ख्याल रखे
बॉलीवुड में चल रहे ड्रग स्कैंडल पर टिप्पणी करते हुए सचिन ने कहा, "फिल्म क्षेत्र में जैसे ऐसी घटनाएं होती है वैसे वास्तविक जीवन में समाज में भी बड़े पैमाने पर होती हैं। इसलिए देश के हर माता-पिता को चाहिए कि वे अपने बच्चों की देखभाल करें और उनका मार्गदर्शन करें।
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मैं सचिन बनना चाहता था
मेरे पिता चाहते थे कि मैं राजकापुर बनू, लेकिन राजकापुर बनना कोई आसान काम नहीं है। राजकपुर एक ही हो सकता है। तो मैंने अपने पिता से कहा, मैं सचिन पिलगांवकर बनना चाहता हूं, मैं राजकापुर की तरह एक मिसाल कायम करना चाहता हूं।