यादों के झरोखों से..
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'उभरते सितारे' कार्यक्रम में नितिन रोंघे ने संस्था को सराहा
नागपुर। विदर्भ हिंदी साहित्य सम्मेलन का उपक्रम उभरते सितारे, जिसमें नवोदित कलाकारों के लिए यादों के झरोखों से संगीतमय कार्यक्रम आयोजित किया गया. अंतरराष्ट्रीय ख्याति के नितिन दिलीप रोंघे अतिथि के रूप में उपस्थित थे. इनका स्वागत संयोजक युवराज चौधरी ने किया.
अपने संबोधन में नितिन रोंघे ने विदर्भ हिंदी साहित्य सम्मेलन, संस्था की बहुत सराहना की. जो नवोदित कलाकारों के लिए और उनकी कला के लिए मंच उपलब्ध कराता है. जहां से कई कलाकारों ने अपनी पुख्ता पहचान बनाई है. अपने संस्मरण में उन्होंने जगजीत सिंह साहब के साथ बिताए हुए पलों को भी याद किया.
तत्पश्चात, देवांशी पटनायक, रौनक रुंगटा, किमया नन्हई, जियान आहूजा, वैष्णवी सांबरे, वैभव कटयारमल, मृणाल संजीव तेलराधें, आरोही मेश्राम, अर्नव बागल, मान्या आहूजा, रेखा जोशी, पूजा तुमाने, शशिकांत बनकर, सुनील भगत, सोपान डोंगरे, राजेंद्र देशपांडे ने सुमधुर यादों की प्रस्तुति दी. कीबोर्ड पर मृणाल तेलरांधे ने शानदार गीत बजाया.
इस अवसर पर नवोदित कलाकारों को शरद आटे, संध्या माहुले, मीनाक्षी केसरवानी, जया नंदा, बाबा खान, अलका रुंगटा, मीरा शर्मा, सीमा लूहा, प्रो. लिपिका चक्रवर्ती, डॉ. लता काले, डॉ.शालिनी तेलरांधे, जोत्सना मांडवगडे, मनीषा सांबरे, सुमेध हूमने, अहिल्या रंगारी, महेंद्र आगरकर, संतोष बुधराजा, बी. प्रशांत ने बच्चों की प्रस्तुति को बहुत सराहा.
कार्यक्रम में वैशाली मदारे और घनश्याम नन्हई ने सहयोग किया. आभार कृष्णा कपूर ने माना. कार्यक्रम का संचालन युवराज चौधरी ने किया.