श्रोतृरसायन-कर्णामृत के चौथे दिन श्रीमद्भगवद्गीता
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नागपुर। 75 दिनों तक भारत के 75 महान मनीषियों को सुमनांजलि देने का उद्देश्य लेकर चलने वाला हिंददेश परिवार छत्तीसगढ़ इकाई का नवीनतम आयोजन 'श्रोतृरसायन-कर्णामृत' 18 फरवरी 2022 को प्रारम्भ हुआ, जो 5 मई 2022 को सम्पन्न होगा।
श्रोतृरसायन-कर्णामृत के चौथे दिन सोमवार 21 फरवरी को छत्तीसगढ़ इकाई की अध्यक्षा रंजना श्रीवास्तव ने आध्यात्मिक गुरु भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों को स्मरण करते हुए श्रीमद्भगवद्गीता पर अपना वक्तव्य प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने सांख्य योग पर आधारित आत्मा परमात्मा विषयक विचार प्रस्तुत किए। पंद्रहवें अध्याय पुरुषोत्तम योग में वर्णित भौतिक जगत को उन्होंने आध्यात्मिक जगत का प्रतिबिंब बताया।
सोलहवें अध्याय दैवासुरसम्पद्विभाग पर दैवीय प्रवृत्तियों व आसुरी प्रवृत्तियों के लक्षणों पर प्रकाश डालते हुए छोटी छोटी कहानियों के माध्यम से उन्होंने भगवद्गीता में निहित जीवन मूल्यों को भी स्पष्ट किया।
हिंददेश परिवार छत्तीसगढ़ इकाई का यह आयोजन अवश्य ही वर्तमान समय में कानों के माध्यम से मानव के भीतर प्रवेश करने वाले रसायन को अमृत में परिवर्तित करने में सफल होगा। तब वास्तविक अर्थों में सार्थक होगी श्रोतृरसायन-कर्णामृत की परिकल्पना।