तेरे बिना जिंदगी से कोई… शिकवा…
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लता दीदी की स्मृति में 'हर मॅजेस्टी' संगीतमय कार्यक्रम
समर्थ लोकसेवा प्रतिष्ठान का आयोजन, हार्मोनी ईव्हेंट्स की प्रस्तुती
नागपुर। लता दीदी ने दर्शकों को कई बेहतरीन गाने दिए। उनके द्वारा गाए गए कई गीत आज भी हमारे दिल मे बसे हैं। हालांकि यह दुख की बात है कि दीदी आज नही हैं, लेकिन उनकी आवाज सदैव हमारे साथ रहेगी। उनके द्वारा गाए गए गीत सदा हमे स्फूर्ती देते रहेंगे। उनकी स्मृति में हाल ही में कवि सुरेश भट हॉल, रेशीमबाग में संगीतमय कार्यक्रम 'हर मेजेस्टी' का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का आयोजन समर्थ लोकसेवा प्रतिष्ठान द्वारा विश्व महिला दिवस की पृष्ठभूमि में किया गया था। लोगों को हर बार दर्जेदार प्रस्तुती देने वाले संगठन हार्मनी इवेंट्स द्वारा यह कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया था। कार्यक्रम की संकल्पना राजेश समर्थ ने की थी। श्वेता शेलगांवकर इनका अभ्यासपूर्ण निवेदन दीदी की यादे संजोये हुऐ था।
इस कार्यक्रम को मध्यम लोकसेवा प्रतिष्ठान का सहकार्य मिला। इस कार्यक्रम में कई अविस्मरणीय गीतों ने मधुर स्वर में श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। आकांक्षा देशमुख ने उप-शास्त्रीय गीत 'सुनियो जी अरज माजी…' से कार्यक्रम की शुरुआत की। दीदी की स्वर्णीय आवाज, उनकी स्मृति में भावविभोर श्रोता और दीदी के गीतों का मधुर प्रदर्शन ने कार्यक्रम के पहले गीत से ही आकांक्षा ने माहौल बना दिया। उसके बाद 'बेदर्दी बलमा तुझको…' गाना श्रुती चौधरी गाया और 'सुनो सजना पापीहे ने..' गाने को स्वाति खडसे ने गाया। अपने मधुर गायन से दर्शकों द्वारा सराहे गए राजेश दुरुगकर और आकांक्षा ने 'क्या मौसम है' गाने से पूरे कार्यक्रम को संगीत की धुन से भर दिया और गीतों का सफर अविस्मरणीय बन गया।
कार्यक्रम मे, हे मेरे सनम…।, कितनी प्यारा वादा…, रैना बिती जाऐ…, ओ सजना बरखा बहार आयी…, ये कहाँ आ गये हम…, तेरे बिना जिंदगी से कोई…, हुस्न पहाडों का…., तेरे मेरे बिच मे…, आजा आई बहार…, आज सोचा की आंसू भर आऐ…, रस्मे उल्फत को…., कांटो से खिंच के…..,बाहों मे चलो आओ…, आ जाने जा…, सुन बेलियां…, जय जय शिवशंकर…, कुछ ना कहो'.आदी एक से एक सरस गीतों की प्रस्तुती सभी गायकों ने बडी तैयारी से दी। आकांक्षा और राजेश ने 'नाम गुम जाएगा…' गाने का प्रदर्शन किया और अंत में कार्यक्रम को अधिक मधुर बना दिया।
कार्यक्रम में अलका सुरेंद्र तराले और चेतना सुरेश सातपुते को सम्मानित किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के तौर पर सोनाली हिवरकर और विजया वाईनदेशकर मौजूद रहीं। संगीत के लिए वादकों का जुनून जबरदस्त था, खासकर कार्यक्रम मे सभी संगीतकार विशेषज्ञ थे। इनमें महेंद्र ढोले (कीबोर्ड), मनोज विश्वकर्मा (लीड गिटार), अमर शेंडे (वायलिन), अरविंद उपाध्याय (बांसुरी), पंकज यादव (तबला, ढोलक), राजेश धमनकर (कांगो, तुंबा), महेंद्र वाटकुलकर (ऑक्टोपस), उज्ज्वला गोकर्ण (पर्कशन)। मनोज पिदडी द्वारा ऑडियो विजुअल, शुभम द्वारा साउंड सिस्टम, मिथुन मित्रा द्वारा लाइटिंग सिस्टम और राजेश अमीन द्वारा स्टेज डेकोरेशन किया गया।