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होली पर नारियल की भरपूर आवक के साथ मांग बढ़ी


आंध्रप्रदेश, कालीकट से आ रहे गिले, सूखे नारियल 

नागपुर। होली के त्यौहार प्रारंभ होने के साथ देशभर से गिले, सूखे नारियल की मांग बढ़ गई है। होलिका दहन के समय घर घर में अग्निपुजा करके होलिका दहन किया जाता है। लकड़ी और गाय के गोबर के बड़कुले की माला तयार कर होली प्रजवलित की जाती है। भक्त प्रहलाद की जय के साथ नारियल चढ़ाकर होलिका पर्व उत्साह के साथ मनाया जाता है। 

नारियल के थोक व्यवसाय मगनभाई दोषी के अनुसार इस बार भी नारियल की भरपूर आवक हुई है। उन्होंने बताया की सूखे नारियल की आवक आंध्रप्रदेश से हो रही है।और गिला नारियल कालीकट से आ रहे है। सुख नारियल 17 से 20/- प्रतिनग भाव चल रहे है।वहीं गिले नारियल के भाव 22/- से 23/-प्रति नग चल रहे है। गिले , सूखे नारियल की मांग गणगौर त्यौहार तक 15 दिनों तक बनी रहती है। नारियल की चीरी की मांग भी ग्रीष्मऋतु पर रहती है। 

अनेक लोगों को नारियल की चीरी, कतरन के व्यवसाय से स्वरोजगार मिल रहा हैं। नारियल के 300 नग भरती जुट के बोरे में होती है। सूखे नारियल से खोपराकिस बनाया जा रहा है।खोपरे की चटनी का भी प्रयोग होटल में हो रहा है।पूजा के समय कलश में भी नारियल चढ़ाया जाता है।
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