दुर्गा माता मंदिर बेसा में माता की चौकी का हुआ भव्य आयोजन
नागपुर। दुर्गा माता मंदिर में प्रतिदिन अलग अलग भजन मंडली द्वारा माता के जसों का गायन किया जाता है इस अवसर पर झिंगाबाई टाकली की मां भवानी मंडली द्वारा माता की चौकी कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रथम दीप प्रज्वलित कर लक्ष्मी वर्मा ने कार्यक्रम की शुरुआत की तत्पश्चात गणेश वंदना की गई। उसके बाद हुआ शुरू हुआ माता के भक्ती गीतों का सिलसिला, सीढियां चढत मोहे लगता है डर कहीं जाऊं न फिसल गीत पर लक्ष्मी वर्मा ने जबरदस्त नृत्य कर सबको आश्चर्य में डाल दिया।
आई है दुर्गा मैया सोलह सिंगार करके जी भर कर उन्हें देखू नैना हजार करके गीत पर रजनी मिश्रा झूम उठे और ढेर सारी तालियां बटोरी।
काली कल्याणी मैया दुर्गा भवानी शेर पर सवार होके आजा तेरा लंगुरा बजाएगा बाजा पर सभी बहनों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। बीच-बीच में जय कारा लगाया जाता जिससे माहौल और भी भक्ति मय हो जाता। सुनिता परिहार ने मेंहदी रची हैं मां के हाथों में मां ने किया है सोलह श्रृंगार चैत्र नवराते में सुंदर प्रस्तुति सभी बहनों को पसंद आया।
झल झल झल झलकें हो भाई का ज्वारें, अंजू मिश्रा द्वारा प्रस्तुत किया गया। प्रमिला चलपें ने मैया के आने से आए बहार पूरी तन्मयता से पेश किया। छाप तिलक सब छीनी ये तोसें नयना मिला के, आई हैं दुर्गे मैया सिंह पे सवार होके,आदि गीतों की छड़ी लगा दी।
इस अवसर पर लक्ष्मी वर्मा, रजनी मिश्रा, सुनिता परिहार, अंजू मिश्रा, माधुरी चौहान, रेनू मालवीय, नीता तिवारी, नीलू तिवारी, शालिनी कंगाले, लता इंगले, प्रमिला चलपें, कल्पना निनावे, संध्या साहू,रीता देशपांडे, वर्षा बरघट संगीता देशमुख सुनीता गेडाम,इंदु सेलोकर, मनीषा निनावे, बबीता भोयर, छाया,वैरागडे, लता छाया, मीना,आशाबैस, सुनीता (सखी मंच) आदि बहनों ने भक्ति का शमां बांधा।
माता रानी के दुपट्टे अंगवस्त्र देकर कार्यक्रम की संयोजिका डॉ कविता परिहार सभी बहनों को स्वागत किया। तारा शेरावाली दा सांचे दरबार की जय के उद्घोष के साथ कार्यक्रम के समापन हुआ।
