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संकल्प इस बरस...


सुखद् - शुभम्
नव बरस हो,
हो चहुँ ओर सम्मान
प्रीत प्रीति में रम जाएं
ईश्वर का हो ध्यान।

नयी उर्जा
नयी आशा
नयी उमंग
नया आनंद
शांति सदा संग रहे
स्वस्थ्य रहे तन मन।

नये आयाम
नये रिश्ते 
नया युग
नई चाह
विपरीत परिस्थिति में भी
विचलित ना हो मन।

त्राहि त्राहि
अकाल काल
दिक ना सूझे
दीर्घ अंधकार 
हिम्मत ना हारें
बस,  जोश रहे हरदम।

काल कोठरी 
भीषण अत्याचार 
व्याकुल हृदय
करे हाहाकार 
डगर ना छोड़े कहीं
डटे रहे अपने कदम।

 - डॉ. शिवनारायण आचार्य 'शिव'
 नागपुर, महाराष्ट्र 

काव्य 8716694996042797527
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