डॉ. विनय कुमार सिंघल के 34 काव्य-संकलनों का विमोचन
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प्रतिष्ठित साहित्यकारों की रही उपस्थिति, राकेश छोकर का हुआ आभासी संवाद
नागपुर/नई दिल्ली। प्रतिष्ठित साहित्यकार डॉ. विनय कुमार सिंघल ‘निश्छल’, अधिवक्ता/कवि द्वारा कीर्तिमान स्थापित करते हुए 23 एकल, 9 त्रयी काव्य-संकलन व एक-एक काव्य-संकलन डॉ. वीणा शंकर शर्मा ‘चित्रलेखा’ व अंजू कालरा दासन ‘नलिनी’, का एक साथ विमोचन किया गया।इस अवसर पर संस्थाओं की ओर से उनका अभिनदंन भी किया गया।
गुरुग्राम के पालम विहार स्थित उनके निज निवास पर आयोजित एक भव्य आयोजन में एक साथ 34 पुस्तकों का विमोचन किया गया।जो एक कीर्तिमान स्थापित कर गया। विमोचन कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. रीता नामदेव, एसोसियेट प्रौफैसर हिन्दी विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय ने की। विशिष्ट अतिथि के तौर पर डॉ.चन्द्रमणि ब्रह्मदत्त व प्रसिद्ध साहित्यकार सुजीत शौकीन रहे। उपस्थित विद्वत जनों ने डॉ विनय कुमार सिंघल की रचनाधर्मिता पर विस्तार से चर्चा की और उनके निरंतर गतिमान सृजन को अद्भुत जीवटता भरा बताया।विदित हो कि इससे पूर्व भी डॉ सिंघल के एक बार 17 व 9 जुलाई 2023 को 21 काव्य-संकलनों का विमोचन हो चुका है।
आयोजन का आरंभ कामिनी सिंघल द्वारा भावपूर्ण सरस्वती वंदना के साथ हुआ। सरस्वती प्रतिमा के समक्ष रीता नामदेव व विशिष्ट अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्ज्वलन, पुष्प अर्चन किया गया। इसी अवसर पर इंद्रप्रस्थ लिटरेचर फेस्टिवल की ओर से विनय सिंघल को प्रमाण पत्र द्वारा सम्मानित किया गया। हांसी, हिसार की संस्था संकल्प द्वारा भी उन्हें ‘साहित्य श्री भगीरथ’ उपाधियुक्त प्रपत्र प्रेषित किया गया।कार्यक्रम में काव्य धारा से वातावरण आनंदमय रहा। आशा सिंघल, कामिनी सिंघल आदि की उपस्थिति रहीं। अंतराष्ट्रीय विभूति राकेश छोकर ने कार्यक्रम में आभासी संवाद के द्वारा अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
