साईं इंटरनेशनल स्कूल में गोपालदास नीरज की 100वीं जयंती मनाई गई
नागपुर/रामटेक। साईं इंटरनेशनल स्कूल, शीतलवाड़ी, रामटेक के स्टूडेंट्स और स्टाफ मेंबर्स ने स्कूल कैंपस में महान कवि, लेखक और गीतकार गोपालदास नीरज की 100वीं जयंती बहुत ही अनोखे तरीके से मनाई।
स्टूडेंट्स ने भाषण दिए और हिंदी साहित्य और हिंदी सिनेमा में उनके महान योगदान पर रोशनी डाली। स्टूडेंट्स ने उनकी मशहूर कविताएं और गाने भी सुनाए और उन्हें श्रद्धांजलि दी। प्रिंसिपल राजेंद्र मिश्रा ने स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए कहा कि गोपालदास नीरज अकेले ऐसे व्यक्ति थे जिन्हें हिंदी साहित्य और हिंदी सिनेमा में एक जैसी लोकप्रियता मिली।
उनका जन्म 5 जनवरी 1925 को उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के पुरवेली गांव में हुआ था। वे अपने सरल लेकिन गहरे अंदाज के लिए जाने जाते थे, जो कवि सम्मेलनों और बॉलीवुड फिल्मों दोनों में लोकप्रिय थे। उन्हें पद्म श्री और पद्म भूषण दोनों से सम्मानित किया गया था।
उन्होंने प्रेम, दर्शन, मानवीय संबंधों और सामाजिक मुद्दों जैसे विषयों पर बहुत कुछ लिखा, जिससे हिंदी और उर्दू में पुल का काम हुआ। प्रिंसिपल ने हिंदी डिपार्टमेंट के प्रयासों की सराहना की। स्कूल के डायरेक्टर डॉ. वीबी नागपुरे ने सभी पार्टिसिपेंट्स को बधाई दी और मशहूर कवि गोपालदास नीरज को उनकी 100वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी।