सावित्रीबाई के विचारों की विरासत को संजोते हुए ‘स्वागत स्त्री जन्माचे’
राष्ट्रीय बालिका दिवस पर जिव्हाळा संस्था की अनूठी पहल
नागपुर/उमरखेड। ‘साऊ जलती मशाल है, साऊ प्रचंड आग है, साऊ शोषितों की ढाल है, साऊ मुक्ति की राह है..’ इन प्रेरणादायी पंक्तियों को आत्मसात करते हुए इंटरनेशनल आइकॉन अवॉर्ड व ISO प्रमाणन प्राप्त जिव्हाळा संस्था पिछले बारह वर्षों से “स्वागत स्त्री जन्माचे” नामक समाजप्रबोधन का अनूठा उपक्रम निरंतर चला रही है।
इस उपक्रम के अंतर्गत अब तक 1612 कन्यारत्नों एवं उनके माता–पिता का सम्मान किया जा चुका है। क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले जयंती तथा राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर इस वर्ष के उपक्रम की शुरुआत उमरखेड स्थित राजाराम उत्तरवार उपजिला अस्पताल में की गई। इस अवसर पर जि. प. कन्या शाला, विडूळ की शिक्षिका श्रीमती संगीता अतुल मादावार (मांजरे) के करकमलों से नवजात कन्यारत्न का स्वागत किया गया।
कार्यक्रम के दौरान नवजात बालिका को ड्रेस, माता को ब्लाउज पीस, पिता को शाल, पेड़ा एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही उमरखेड तालुका में जिन परिवारों में आज कन्यारत्न का जन्म हुआ, उन सभी माता–पिता का सम्मान किया गया।“स्वागत स्त्री जन्माचे” उपक्रम केवल सम्मान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कन्या जन्म के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित कर माता–पिता को मानसिक संबल देने वाला अभियान है।
संस्था की ओर से प्रत्येक कन्यारत्न को फ्रॉक, माता को कपड़े का पीस, पिता को दुपट्टा, पेड़ा एवं पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया जाता है। इस अवसर पर जिव्हाळा संस्था के अध्यक्ष अतुल लताताई राम मादावार ने कहा, “कन्यारत्न का जन्म खुशी का क्षण होना चाहिए, भय या चिंता का नहीं। इसी भावना के साथ हमने ‘स्वागत स्त्री जन्माचे’ उपक्रम शुरू किया। ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ बालिका जन्म के लिए प्रसव सरकारी अस्पताल में ही होना चाहिए, यह हमारा स्पष्ट आग्रह है।
आज भी समाज में बालिकाओं का जन्मदर घट रहा है और भ्रूणहत्या जैसी कुरीतियां बनी हुई हैं। इन्हें रोकने के लिए केवल कानून नहीं, बल्कि संवेदनशील विचारधारा की आवश्यकता है। बेटी बोझ नहीं, बल्कि परिवार की आशा, समाज की शक्ति और राष्ट्र का भविष्य है—यह विश्वास हर घर में पहुंचाना हमारा लक्ष्य है।
‘बेटी बचाओ, बेटी बढ़ाओ, बेटी पढ़ाओ’ केवल नारा नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन है।” कार्यक्रम में संस्था के संस्थापक अध्यक्ष अतुल लताताई राम मादावार, सलाहकार श्रीमती संगीता अतुल मादावार, अधिपरिचारिका रिठे, तथा संस्था के सदस्य चंद्रकांत खेवलकर, श्रीकांत शहा, अभय उबाले सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।