नए साल का सुरमय आगाज़ ‘एक पल का जीना फिर तो है जाना’ का शानदार आयोजन
नागपुर। लक्ष्मी नगर स्थित साइंटिफिक हॉल में व्हर्सटाईल सिंगर्स ग्रुप द्वारा आयोजित नववर्ष विशेष संगीत समारोह “एक पल का जीना फिर तो है जाना” में श्रोताओं की भारी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में हॉल खचाखच भरा रहा और दर्शकों ने पूरे समय तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
कार्यक्रम की शुरुआत आयोजक एवं बहुमुखी गायक तुषार भोलनाथ रंगारी के “ओ जाने जाना” गीत से हुई, जिस पर युवाओं ने जमकर थिरक कर माहौल गर्म कर दिया। इसके बाद तुषार और किरण भोसले ने “गंदी बात” डुएट पेश कर स्टेज पर जबरदस्त ऊर्जा पैदा की।शैलेश शिरभाते ने “महबूबा महबूबा” सोलो गीत से पुराने दौर की यादें ताज़ा कर दीं, वहीं परिणीता मातुरकर और तुषार के “दुनिया में लोगो को” डुएट पर दर्शकों ने मोबाइल फ्लैशलाइट जलाकर साथ दिया।
प्रशांत सहारे और संजीवनी बुटी ने “धतिंग नाच” पर जोशीला परफॉर्मेंस देकर तालियों की गड़गड़ाहट बटोरी।बालकलाकार खासरंगती ने “साड़ी के फॉल सा” पर अपनी मासूम लेकिन कॉन्फिडेंट प्रस्तुति से सबका मन जीत लिया। संजीवनी बुटी और राजेश समर्थ के सोलो “आ रे प्रीतम प्यारे”"ये नयन डरे डरे " पर दर्शक झूम उठे, जबकि माया ढोके और तुषार ने “अखियाँ मिलाओ कभी अखियाँ चुराओ” डुएट से रोमांटिक माहौल बनाया।सी. वाय. रायपुरे और किरण भोसले ने “दिल तेरा दीवाना है सनम” गाकर सुनने वालों को पुराने सुरीले दौर की सैर कराई।
अंत में समा सोलाओ के सोलो गीत “तू शायर है” ने कार्यक्रम को भावपूर्ण और सुरीला समापन दिया।अंत में आयोजक तुषार रंगारी ने सभी अतिथियों, कलाकारों, वादक मंडली और उपस्थित श्रोताओं का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे ही उत्कृष्ट संगीत समारोहों का आयोजन जारी रखने का आश्वासन दिया।