सिंधी बाल नाटक ‘देर आयद दुरुस्त आयद’ का सफल मंचन
सिंधी कलाकारों की संस्था ‘सिंधुड़ी यूथ विंग’ की प्रस्तुति
नागपुर। बाल रंगभूमि परिषद, नागपुर द्वारा बहुभाषी बाल नाट्य महोत्सव का आयोजन साईं सभागृह, शंकर नगर में हुआ जिसमें हिंदी, पाली, सिंधी, अंग्रेजी, तेलगू तथा तमिल भाषा में बाल नाटकों का मंचन हुआ। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महाराष्ट्र राष्ट्रभाषा सभा की नागपुर विभागीय केंद्र की सचिव सुनीता मुंजे थी। इस अवसर पर सरस्वती विद्यालय की मुख्य अध्यापिका लक्ष्मी श्रीनिवासन, पर्यावरण प्रेमी विजय लिमये, बाल रंगभूमि की अध्यक्ष आभा मेघे, कार्याध्यक्ष संजय रहाटे, श्रद्धा तेलंग, विलास कुबड़े, प्रशांत मांगदे, अनिल देव तथा किशोर डाऊ विशेष रुप से उपस्थित थे। महोत्सव में नागपुर के सिंधी कलाकारों की संस्था ‘सिंधुड़ी यूथ विंग’ द्वारा सिंधी बाल नाटक ‘देर आयद दुरुरस्त आयद’ का सफल मंचन किया गया। नाटक में आज के तरुण वर्ग की ज्वलनशील समस्या ‘ऐप बेस्ड आॅनलाइन फ्राड’ पर आधारित है जिसकी चपेट में कई परिवार आ चुके हैं। कई युवकों ने आत्महत्या तक की है। नाटक के कलाकारों ने मोबाइल की लत की वजह से बालकों और युवकों पर पड़ने वाले असर का सुंदर चित्रण किया। नाटक के लेखक किशोर लालवानी तथा निर्देशक गुरमुख मोटवानी थे। हरीश माईदासानी ने प्रकाश व्यवस्था संभाली। संगीत संयोजन ओमप्रकाश टहिल्यिानी का था। नेपथ्य तुलसी सेतिया तथा महेश चेलानी ने संभाला। नाटक में आशू तुलसानी, सुरक्षा चांदवानी, पवन चेलानी, हैपी मंशानी और प्रीत झांबानी ने भाग लिया।
कलाकारों को अतिथियों के हाथों समृति चिन्ह व सर्टिफिकेट दिये गए। नाटक के प्रस्तुतिकरण हेतु संत बाबा गोदड़ीवाला धाम, अनिल कुकरेजा, जया वाधवाणी एवं मुस्कान बदलानी का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।