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जीवन में नए माध्यम आएं तो भी अखबार का महत्व कम नहीं होगा : चारुदत्त कहू


उभरते सितारे मे 'न्यूज़पेपर की आवश्यकता'

नागपुर। आज का कार्यक्रम देखकर मन बहुत उल्लासित हुआ और बचपन की यादों में चला गया है। आज का यह मंच जो विदर्भ हिंदी साहित्य सम्मेलन ने उपलब्ध कराया है, हमारे वक्त ऐसे मंच उपलब्ध नहीं रहते थे। कल जब आप बड़े होंगे और आपके नाम के पीछे कोई पद लगेगा, कोई अधिकारी बनेगा, कलाकार बनेगा तो यह मंच आपको बहुत याद आएगा। 


आज भारत में डेढ़ लाख से ज्यादा अखबार और पत्रिकाएं निकल रही है। जैसे- जैसे साक्षरता बढ़ रही है वैसे- वैसे और ज्यादा अखबार निकल रहे हैं। जैसे रडार के बिना जहाज और पंख के बिना पंछी की कल्पना नहीं कर सकते। वैसे ही, अखबार के बिना मानव की कल्पना नहीं की जा सकती। आज,  इंटरनेट, इंस्टाग्राम, फेसबुक, चैटजेपीटी जैसे बहुत सारे माध्यम हो लेकिन, अखबार की आवश्यकता बनी ही रहेगी। जीवन में नए माध्यम आएं तो भी अखबार का महत्व कम नहीं होगा। क्योंकि, अखबार जनता का वकील करके काम करता है। जो समाज में घटी हुई घटनाएं, देश-विदेश में घटित घटनाओं को एडिट कर, संयोजित कर वृत्त मुल्य घटनाओं के अनुसार संपादित करके प्रस्तुत करता है। 


जिससे ज्ञानवर्धन भी होता है और समसामयिक विषयों की जानकारी के साथ- साथ नए- नए शब्दों से परिचय भी होता है। पत्रकारिता यह लोकतंत्र का महत्वपूर्ण चौथा स्तंभ है। यह विचार, चारुदत्त कहू ने बच्चों और उनके अभिभावकों के बीच रखें। तथा दर्शकों के सवालों के जवाब भी दिए। और, अग्रलेख, एडिटोरियल को विशेष महत्व देकर समझाया। साथ ही बच्चों के लिए एक गीत भी प्रस्तुत किया।

विदर्भ हिंदी साहित्य सम्मेलन का नवोदित प्रतिभाओं को समर्पित उपक्रम 'उभरते सितारे' का आयोजन हिंदी मोर भवन के उत्कर्ष हॉल में किया गया। कार्यक्रम का विषय 'न्यूज़पेपर की आवश्यकता' पर आधारित शिक्षाप्रद, ज्ञानवर्धक और संगीतमय प्रस्तुतियों से भरा रहा। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप मे 'तरुण भारत' पेपर के सेवानिवृत सह संपादक चारूदत्त विजयराव कहू जी उपस्थित थे। इनका सम्मान संयोजक युवराज चौधरी ने स्वागत वस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर किया।

तत्पश्चात, गीत संगीत से बच्चों की प्रस्तुतियां सराहनीय रही। जिसमें, भव्या अरोरा ने न्यूज़पेपर की आवश्यकता पर अपने विचार रखे। आदित्य मिंज ने 'सच मेरे यार है', कबीर पाण्डेय ने 'तुझसे नाराज नहीं जिंदगी', भव्या अरोरा ने 'दिल में तुझे बिठाकर' और आदित्य मिंज के साथ युगल गीत 'एक मैं और एक तू' गाकर समां बांध दिया। नव्या तांडेकर ने बॉलीवुड और टॉलीवुड का मिश्रण कर सुंदर डांस प्रस्तुत किया।
बच्चों की प्रस्तुतियों को उनके अभिभावकों के साथ-साथ आरती पांडे, दीपक भावे, आरसी महतो, मीनाक्षी केसरवानी, गीता सुरेश मिंज, वेदप्रकाश अरोरा, अद्वैत तांडेकर, वीरेंद्र सिंह, लक्ष्मीकांत लोखंडे, विनोद बारसागड़े, वैशाली मदारे, धर्मेंद्र पाटील आदि ने बहुत सराहा। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रशांत शंभरकर ने सहयोग दिया। कार्यक्रम का संचालन एवं, उपस्थित सभी दर्शकों, कलाकारों और बच्चों का आभार संयोजक युवराज चौधरी ने अपने शब्दों में व्यक्त किया।
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