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हृदयी प्रीत जागते : आशाताई को स्वरांजली


सेव्हन नोट्स ने पुराने नए मराठी गीतों की कराई स्वर यात्रा

नागपुर। जब प्रकृति में वसंत ऋतु अपने यौवन पर थी, तभी गायक कलाकारों ने पुराने नए मराठी गीतों की स्वर यात्रा कराकर श्रोताओं के हृदय में भी वसंत खिला दिया। सेव्हन नोट्स संस्था द्वारा 'स्वर यात्रा' इस कार्यक्रम का आयोजन सायंटिफिक सभागृह में किया गया था। इस कार्यक्रम के माध्यम से मराठी गीतों का सुरमई सफर सामने आया।  

हाल ही में स्वर्गवासी हुईं महाराष्ट्र की लाड़ली गायिका आशा भोसले को 'हृदयी प्रीत जागते', 'धुंदी कळ्यांना धुंदी फुलांना', 'रुपेरी वाळूत माडांच्या बनात ये ना', 'शारद सुंदर चंदेरी राती', 'येऊ कशी प्रिया', 'धुंदीत राहू मस्तीत गाऊ' जैसे अजरामर गीत गाकर अश्रुपूरित नेत्रों से स्वरांजलि अर्पित की गई। ‘आभाळमाया वादळवाट अवघाची हा संसार माझा होशील ना’इन धारावाहिकों के शीर्षक गीतों से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। 'धुंद एकांत हा', 'शुक्रतारा मंद वारा', 'आताच बया का बावरला', 'मला वेड लागले प्रेमाचे', 'जीव रंगला दंगला', 'मेंदीच्या पानावर', 'अश्विनी ये ना', 'हिरवा निसर्ग संधीकाली' ऐसे कुल 30 नए-पुराने गीतों को गायकों ने दमदार ढंग से प्रस्तुत किया। तेज लय के गीतों ने महफ़िल में रंग भर दिया, श्रोताओं की दाद पाई और 'वन्स मोअर' की फरमाइशें लीं।  

डॉ. सुधीर कुन्नावार, अर्चना उचके, आरती भालेराव, मुकुल पांडे, पद्मजा सिन्हा, श्याम बापटे, अविनाश चन्ने, अमित पेढेकर, स्वप्नील नांदे, संजय वाघमारे, मनिषा चन्ने, आरती बुटी, अस्मिता शिवलकर, रोहिणी पाटणकर, सुवर्णरेखा पाटील इन गायक कलाकारों को आर्य पुराणकर, सचिन ढोमणे, अशोक तोकलवार, सुभाष वानखेडे, मनोज विश्वकर्मा इन वादक कलाकारों ने संगत कर स्वरसाज को और निखारा।  
सुजाता पटवर्धन ने अपने संचालन के माध्यम से भी गीतों के मूल गायक, गायिका, गीतकार, संगीतकार और निर्माण से जुड़ी जानकारी व किस्से सुनाकर श्रोताओं को बांधे रखा। मराठी गीतों के कार्यक्रम वैसे ही बहुत कम होते हैं, इसलिए संगीत के जानकार श्रोता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और कार्यक्रम का स्वरानंद उठाया।
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